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धनबाद: एसएनएमएमसीएच में हड़ताल के बाद अब तक नौ मरीजों की मौत

Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) एसएनएमएमसीएच में छंटनी के खिलाफ आउसोर्सिंग कर्मचरियों की हड़ताल चौथे दिन सोमवार को भी जारी रही. इधर अस्पताल में चिकित्सा सेवा कराह रही है. इलाज के लिए मरीज इंतजार करते रहते हैं. हालत यह है कि हड़ताल के बाद इलाज के अभाव में अब तक नौ मरीजों की मौत हो चुकी है. वार्डों में भर्ती मरीजों की परेशानी अलग है. कभी डॉक्टर का इंतजार तो कभी नर्स की खोज में मरीज के परिजन बेहाल हैं. वार्ड ब्वॉय भी नहीं है, जो इन बेहाल मरीजों व परिजनों की परेशानी कम कर सके. गंभीर किस्म के मरीजों की का तो जान ही दांव पर लगी है.

           मरीजों के नसीब में सिर्फ इंतजार..

[caption id="attachment_644965" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/emergency-fan-300x184.jpeg"

alt="" width="300" height="184" /> इमरजेंसी में भर्ती मरीज को पंखा करते परिजन[/caption] अस्पताल में मरीजों का आना कम हो गया है, जबकि कई मरीज आजिज होकर निजी अस्पतालों की राह पकड़ चुके चुके हैं. इमरजेंसी विभाग की स्थिति यह है कि मरीजों के परिजन खुद स्ट्रेचर ठेलने को मजबूर हैं. स्ट्रेचर मैन न होने के कारण टुंडी के कटनिया से आए मरीज को इमरजेंसी गेट के बाहर गाड़ी में ही आधा घंटा इंतजार करना पड़ा. घाव पर मरहम-पट्टी करने वाला कोई ड्रेसर तक नहीं है.

            ड्रेसिंग के लिए भी तरस रहे मरीज

[caption id="attachment_644968" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/body-snmmch-300x225.jpeg"

alt="" width="300" height="225" /> मौत के बाद शव को ले जाने की तैयारी[/caption] आईसीयू में भर्ती प्रधानखंता के मरीज महावीर सिंह ने बताया कि पिछले 3 दिन से उनका ड्रेसिंग नहीं किया गया है. दूसरी ओर आईसीयू में एसी काम नहीं कर रहा है. भर्ती मरीज दुर्गा देवी ने बताया कि इमरजेंसी के आईसीयू  में एक भी एसी काम नहीं कर रहा है. घर से पंखा लाना पड़ा है.

   छंटनी के विरोध में जारी है हड़ताल

बता दें कि एसएनएमएसमीएच में आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत 101 कर्मचारियों को हटाया जा रहा है, जिनमें   वार्ड ब्वॉय, ड्रेसर, स्ट्रेचर मैन, लैब अटेंडेंट, रिकॉर्ड क्लर्क, चतुर्थवर्गीय कर्मी, दफ्तरी, पैकर, वर्कशॉप वर्कर और अटेंडेंट आदि शामिल हैं. कई पदों पर कर्मचारियों की संख्या कम कर दी गई है. छंटनी के विरोध में कर्मचारी विगत 19 मई शुक्रवार से हड़ताल पर हैं. [wpse_comments_template]

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