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धनबाद : मॉल व कॉमर्शियल कॉम्‍प्‍लेक्‍स में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई नहीं

Mithilesh Kumar Dhanbad : धनबाद (Dhanbad)">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=320840&action=edit">(Dhanbad)

नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान गरीब और कमजोर तबके के लोगों तक ही सिमट कर रह गया है. शहर के रसूखदार मनमाने तरीके मॉल व कॉमर्शियल कॉम्‍प्‍लेक्‍स का निर्माण कर कारोबार कर रहे हैं. ये लोग नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बेसमेंट में भी दुकान कर अवैध कमाई कर रहे हैं. इसके बावजूद उनके खिलाफ नगर नि‍गम कभी कार्रवाई नहीं करता. यही वजह है कि बैंक मोड़ में शांति भवन मार्केट कॉम्प्लेक्स, श्रीराम प्लाजा, उर्मिला टावर, कंबाइंड बिल्डिंग स्थित सिटी सेंटर, हीरापुर स्थित शंकर मॉल के बेसमेंट में वर्षो से बिना रोक-टोक दुकानें चल रही हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह यह कि इन बिल्डिंगों का निर्माण कराने वाले या तो खुद पॉलिटिक्स में या उनके उपर किसी बड़े पॉलिटिशियन का हाथ है.

झामाडा ने ही भवनों का नक्शा किया है पास

वर्ष 2016 से पहले शहर में मकान, दुकान और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का नक्शा झारखंड खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकार (झमाडा) पास करता था. जिन बिल्डिंगों की बात हो रही है, उनका नक्‍शा माडा (अब झामाडा) ने ही पास किया है. वर्ष 2016 में नगर विकास एवं आवास विभाग ने शहर क्षेत्र के नक्शे की जिम्मेदारी नगर निगम को दे दी. साथ ही झमाडा के अधिकारियों को पहले से पास हुए नक्शे के सभी कागजात निगम को सौंपने का आदेश दिया. लेकिन झमाडा ने निगम को सभी कागजात नहीं सौंपे. उसके जिम्‍मेदार अधिकारियों ने 300 नक्शों के कागजात गुम होने की बात कह पल्‍ला झाड़ लिया.

वर्ष 2016 में नगर आयुक्‍त घोलप ने कार्रवाई की तो हट गए

वर्ष 2016 में धनबाद के नगर आयुक्त रमेश घोलप थे. उन्‍होंने शहर के रसूखदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत जुटाई थी. बुलडोजर लेकर तत्कालीन मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल के बनाए सिटी सेंटर में पहुंच गए थे. इससे मेयर ऐसे चिढ़े कि‍ नगर आयुक्त का दो दिन के अंदर ट्रांसफर करा दिया था. इसके बाद निगम के किसी अधिकारी ने रसूखदारों के खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत नहीं की. ज्ञात हो कि‍ चंद्रशेखर अग्रवाल मेयर का चुनाव लड़ने से पहले बिल्डर थे. भाजपा से भी जुड़े थे. सिटी सेंटर के अलावा धनबाद में उर्मिला टावर, शंकर मॉल, गार्डन सिटी आदि बिल्डिंग का निर्माण उन्‍होंने ही कराया है.

अब निगम खुद भी करता है सड़कों का अतिक्रमण

शहर की सड़कों का अतिक्रमण कर पार्किंग वसूलने के लिए नगर निगम वित्तीय वर्ष 2022-23 में दो बार टेंडर निकाल चुका है. लेकिन 28 पार्किंग स्थलों में से सिर्फ 8 की ही बंदोबस्ती हो पाई है. 20 पार्किंग स्थलों में से 5 से निगम खुद पार्किंग शुल्क वसूलने का दावा करता है. शेष स्थलों को पुलिस और रंगदारों के हवाले कर दिया गया है.

बेसमेंट में दुकान खोलने वालों पर होगी कार्रवाई : प्रकाश कुमार

धनबाद नगर निगम के सहायक नगर आयुक्‍त प्रकाश कुमार ने कहा कि शहर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चल रहा है. जहां तक कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स व मॉल के बेसमेंट में पार्किंग की जगह दुकान खोलने की बात है, तो ऐसे लोगों को चिह्नि‍त कर कार्रवाई की जाएगी. इसमें समय लग सकता है. वैसे, यह मामला मेरे विभाग से बाहर का है, इसलि‍ए ज्‍यादा कुछ नहीं बता सकता. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=320940&action=edit">धनबाद

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