Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) नियमों को ताख पर रख कर शहर में बने अपार्टमेंट और कॉमर्शियल कांप्लेक्स के खिलाफ कार्रवाई करनेमें नगर निगम के अधिकारियों को कोई दिलचस्पी नहीं है. कार्रवाई के नाम पर मात्र खानापूर्ति हो रही है. आशीर्वाद टावर अग्निकांड के बाद निगम के अधिकारियों की निद्रा टूटी थी. शहर के 52 अपार्टमेंट और कॉमर्शियल कांप्लेक्स की जांच भी हुई. 45 इमारतों में कुछ गड़बड़ी भी मिली. जांच रिपोर्ट नगर आयुक्त के पास पहुंची. मगर अचानक सब कुछ शांत हो गया. इसके एक माह बाद यानी मार्च में भी किसी के खिलाफ कार्रवाई की दूर दूर तक कोई गुंजाइश नजर नहीं आती. बिल्डरों को नोटिस भेजा जा रहा है, जिसका जवाब भी नजर नहीं आता.
आशीर्वाद टावर, हाजरा अस्पताल में 19 लोगों की गई जान
वर्ष 2023 का पहला महीना धनबाद के लोगों को बेचैन करने वाला रहा. हाजरा अस्पताल और आशीर्वाद टावर अग्निकांड में 19 लोगों की जान चली गई. इसके बाद बैंक मोड़ स्थित सेंटर, प्वाइंट, स्टील गेट सब्जी मंडी सहित अभी तक 100 स्थानों पर अगलगी की छोटी बड़ी घटनाएं घट चुकी हैं. इसी के साथ 3.15 करोड़ की संपत्ति का नुकसान हो चुका है. सिटी सेंटर पर भी नहीं हुई कार्रवाई
अग्निकांड की घटना के बाद निगम ने कॉमर्शियल कांप्लेक्स की जांच भी शुरू की थी. कई स्थानों पर बेसमेंट में अंदर दुकान भी मिली, लेकिन कार्रवाई किसी के खिलाफ नहीं हुई है. सिटी सेंटर के बेसमेंट में जियो स्मार्ट, वीआईपी शो रूम, बांबे स्वीट्स सहित कुल 8 दुकानों को निगम ने डेढ़ माह पूर्व नोटिस दिया था. परंतु एक भी दुकान खाली नहीं हुई है. अभी तक सिर्फ नोटिस का ही खेल चल रहा है. शहर में तीन हजार से अधिक अपार्टमेंट
शहर में माडा और निगम द्वारा नक्शा पास कराए गए अपार्टमेंट की संख्या तीन हजार से अधिक है. 90 प्रतिशत अपार्टमेंट में फायर सेफ्टी की व्यवस्था नहीं है. नक्शे में भी विचलन है. कई अपार्टमेंट में आपात स्थिति में दमकल की गाड़ी जाने का रास्ता नहीं है. यह सब निगम की जांच रिपोर्ट में भी सामने आ चुका है. लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस भेजा जाता है. कई बिल्डर तो ऐसे नोटिस का जवाब भी देना जरूरी नहीं समझते हैं. नोटिस भेजा है, कार्रवाई भी होगी: सहायक नगर आयुक्त
धनबाद नगर निगम सहायक नगर आयुक्त प्रकाश कुमार ने कहा कि अपार्टमेंट और कॉमर्शियल कांप्लेक्स में मिली गड़बड़ियों के अनुसार सभी को नोटिस भेजा जा चुका है. कार्रवाई भी होगी. कागजी प्रक्रिया में समय लगता है. सब कुछ एक झटके में नहीं बदला जा सकता है. [wpse_comments_template]
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