Dhanbad : धनबाद शहर के स्टील गेट स्थित नगर निगम के रैन बसेरा के आगे गरीब मनोज शर्मा दो सौतेली बेटियों के साथ ठेले पर रात गुजारने को मजबूर है. मनोज की दूसरी पत्नी (बच्चियों की मां) की दूसरी शादी के मात डेढ़ साल बाद ही मौत हो गई थी. उसके पहले पति से जन्मे दो बच्चियों को मनोज सीने से लगाकर पाल रहा है. दिन भर कचरा चुनकर गुजर-बसर करने वाला मनोज शर्मा (40 वर्ष) ने ठेले को ही अपना आशियाना बना लिया है. कड़कड़ाती ठंड में दो छोटी बच्चियों के साथ एक ही ठेले पर रात गुजार रहा है. उसने नगर निगम की ओर से बनाए गए रैन बसेरा में जगह देने का अनुरोध किया था, लेकिन जिम्मेदारों को तरस नहीं आया. मनोज ने बताया कि दोनों बच्चियों के बाप की मौत के बाद उनकी उसके साथ रहने लगी. डेढ़ साल साथ रहने के बाद बीमारी के कारण उसकी मौत हो गई. पहले बाप, फिर मां की मौत के बाद दोनों बच्चियां बेसहारा हो गईं. उनकी उम्र क्रमशः सात और पांच साल है. अब मनोज ही दोनों का सहारा है. दिन भर कचरा चुनकर अपना और बच्चियों का पेट भर रहा है.मनोज ने बताया कि नगर निगम के रैन बसेरा में जगह नहीं मिलने पर उसेने ठेले को ही आशियाना बना लिया. ईंट जोड़कर चूल्हे पर खाना बनाता है और दोनों बच्चिओं का पेट भर रहा है. इतना सब होने के बाद भी बच्चिओंयों पालन-पोषण के लिए सरकार से कोई मदद नहीं मिली.
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बाल संरक्षण आयोग करेगा मदद
इधर, मामले की जानकारी मिलने पर बाल सरंक्षण आयोग के उत्तम मुखर्जी ने कहा कि उनकी टीम जाकर बच्चिओं से जाकर मिलेगी. उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास भी करेगी. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-universities-should-stop-playing-with-the-future-of-students-nsui/">धनबाद: छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करे विवि- एनएसयूआई [wpse_comments_template]
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