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धनबाद : अब कम हो गई मिट्टी के माधव की बिक्री, धातु के बढ़े

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Ravi Chourasia Dhanbad : जन्माष्टमी महोत्सव की धूम के बीच मूर्तिकारों में उदासी है. इसका कारण है, मिट्टी की मूर्तियों की मांग काम होना. लोग धातु से बने बाल गोपाल, झूला -मुकुट की खरीदारी कर रहे हैं. इस कारण अनेक मूर्तिकार मिट्टी से बाल गोपाल की प्रतिमा बनाना बंद  कर चुके हैं. जन्माष्टमी के मौके पर मिट्टी से बने बाल-गोपाल की जगह पीतल, चांदी व पत्थर के बाल -गोपाल की खरीद और पूजा हो रही है. मूर्तिकार दीपू पंडित ने बताया कि एक दशक पूर्व जन्माष्टमी के मौके पर लोग भगवान कृष्ण की मिट्टी की प्रतिमा की पूजा करते थे. अब लोग मिट्टी की प्रतिमा की जगह पीतल, चांदी तथा पत्थरों से बने प्रतिमा की पूजा कर रहे हैं. जिस कारण मिट्टी से बनी प्रतिमा की बिक्री बहुत कम हो गई है. उन्होंनें तीन साल पहले ही प्रतिमा बनाना बंद कर दिया.

जन्माष्टमी पर खोवा के दाम में उछाल 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दूध की मांग बढ़ गई. दो-तीन दिन से जबरदस्त मांग है. दूध से मावा भी तैयार किया गया. इस कारण मावा के दाम में उछाल आया. दाम 300 रुपए से बढ़ कर 350 रुपए प्रति किलो पहुंच गया. दूध विक्रेता सुधीर मंडल ने बताया कि शहरी क्षेत्र में लोग दूध लेकर मावा तैयार कर रहे हैं. इसलिए दूध की कमी हो गई. दूध विक्रेता राहुल महतो ने बताया कि प्रतिदिन 20 कैरेट दूध की खपत होती है. 20 कैरेट यानी 2000 लीटर दूध. उन्होंने बताया कि दो दिन से 2000 की जगह 2400 लीटर दूध की बिक्री हुई है. यह भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/dhanbad-jharkhand-bangla-language-upgradation-committee-burns-the-effigy-of-bbmku-vc/">झारखंड

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