96 लोगों में इन्हें मिला डिमोशन
पार्टी के वरिष्ठ नेता कंसारी मंडल, पवन महतो, पूर्व जिला अध्यक्ष रमेश टुडू, बाघमारा के पूर्व प्रखंड रतिलाल टुडू, सुखलाल मरांडी नई कमेटी के मात्र सदस्य बन कर रह गए है. टुंडी विधायक मथुरा महतो, केंद्रीय कमेटी की सदस्य नीलम मिश्रा और अमितेश सहाय जैसे बड़ा नाम भी कमेटी के निचले पायदान पर है. कुल 96 सदस्यीय कमेटी में 81 लोगों को सिर्फ सदस्य बना कर रखा गया है. सदस्य के रूप में उनकी उपस्थित से जिला कमेटी के शीर्ष पद पर बैठे लोगों को निर्णय लेने में भी परेशानी होगी. वे स्वतंत्र रूप से कोई निर्णय नहीं ले सकेंगे.जिला स्तर पर झामुमो टूट चुका है : राजेंद्र किस्कु
alt="" width="300" height="293" /> बलियापुर प्रखंड के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र किस्कू ने कहा कि केंद्रीय कमेटी ने अपने हिसाब से नई जिला कमेटी का गठन किया है. सभी कार्यताओं से सहमति नहीं ली गई है. पुरानी कमेटी सबको साथ ले कर चल रही थी. थोड़ा बहुत वाद विवाद कहां नहीं होता है. कुछ विवादों को लेकर पुरानी कमेटी को भंग कर दिया गया और सेंट्रल कमेटी के सदस्य अपने हिसाब से काम करने लगे. जिस नई कमेटी का गठन हुआ है, उनकी तो प्रखंड स्तर पर पकड़ ही नहीं है. यह कमेटी पुराने सदस्य को नजर अंदाज भी कर रही है. जिला स्तर पर झामुमो टूट चुका है, जो पार्टी के लिए सही संकेत नहीं है.
नई कमेटी जाने सदस्य क्यों बनाया : कंसारी मंडल
alt="" width="282" height="300" /> झामुमो के वरिष्ठ नेता कंसारी मंडल ने कहा कि मैं तो सेंट्रल कमेटी का मेंबर हूं. जिला कमेटी में मुझे और मेरे जैसे लोगों को क्यों शामिल किया गया, यह नई कमेटी ही बता सकती है. ऐसा संविधान में प्रावधान है या नहीं, इसकी जानकारी मुझे नहीं है.
मुझे पद का नहीं है लालच: रमेश टुडू
alt="" width="174" height="300" /> पूर्व जिला अध्यक्ष रमेश टुडू ने कहा कि मैं चार बार लगातार जिला अध्यक्ष रहा और अब सदस्य चुना गया हूं. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. कोई पद पर रहे और काम ही नहीं करे तो फेर बदल तो होता ही है. यह काम सभी जगह होता है. मैं झामुमो के लिए समर्पित कार्यकर्ता हूं और आजीवन रहूंगा. मुझे पद का लालच नहीं है, जहां भी रहूंगा पार्टी के सिद्धांत पर लोगों की सेवा का काम करता रहूंगा.
एक दो लोग रहते हैं हर जगह नाराज: लखी सोरेन
alt="" width="300" height="284" /> वर्तमान जिला अध्यक्ष लखी सोरेन कहते हैं देखिए नई कमेटी बनने से किसी को कोई परेशानी नहीं है. हमलोग सबको साथ लेकर चलने वाले लोग है. कहीं पर जब कुछ बदलाव होता है तो एक दो लोगों का नाराज होना स्वाभाविक है. जिसका मिल बैठ कर समाधान किया जाता है. जहां तक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को सदस्य बनाए जाने की है तो यह अभी जोड़ा गया है, बाद में इसमें परिवर्तन भी होगा. [wpse_comments_template]
Leave a Comment