सांकेतिक भाषा का ज्ञान प्राप्त कर मूक बधिर की अभिव्यक्ति को समझें : डॉ.मनोज सिंह
Jharia : समावेशी शिक्षा के झरिया रिसोर्स सेंटर की ओर से शनिवार 23 सितंबर को अंतराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर झरिया के मिल्लत एकेडमी में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. बच्चों को साइन लैंग्वेज की जानकारी दी गई. मूक बधिर लोगों के साथ आदर्श व्यवहार करने को प्रेरित किया गया. एससी रेलवे बालिका विद्यालय की मूक बधिर दिव्यांग रानी कुमारी ने सभी बच्चों को अल्फाबेट सांकेतिक भाषा मे सिखाया. बच्चों ने " मूक बधिर हमें है आशा, हम पढेंगे सांकेतिक भाषा" का नारा बुलंद किया. [caption id="attachment_766016" align="alignnone" width="272"]alt="" width="272" height="204" /> बच्चों को संबोधित करते फिजियोथेरेपिस्ट डॉ.मनोज सिंह[/caption] स्पेशल एडुकेटर अखलाक अहमद ने कहा कि झरिया के कई मूक बधिर बच्चे सांकेतिक भाषा का ज्ञान प्राप्त कर आगे बढ़ रहे हैं. इस भाषा का प्रचार प्रसार की आवश्यकता है. फ़िज़ियोथेरेपिस्ट डॉ.मनोज सिंह ने कहा कि सांकेतिक भाषा का ज्ञान सभी को होना चाहिए. ताकि मूक बधिर की अभिव्यक्ति को हम भी समझ सकें. कार्यक्रम में फ़िज़ियोथेरेपिस्ट डॉ.मनोज सिंह, स्पेशल एडुकेटर अख़लाक़ अहमद, प्रधानाध्यापक मो.मुस्तफा, आर्शिया सुल्ताना, मो.आबिद, हातिम अंसारी, शेख रिजवान, जावेद हुसैन, जावेद हुसैन, हसनैन राजा, अख्तर अंसारी व अन्य उपस्थित थे. यह">https://lagatar.in/dhanbad-students-of-sashivi-temple-baghmara-showed-scientific-talent/">यह
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