Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) शहर के जोड़ा फाटक स्थित पाटलिपुत्र नर्सिंग होम में इलाज के दौरान 17 वर्षीय युवक की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया. उग्र परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर व कर्मचारियों के साथ भी मारपीट की. मारपीट में अस्पताल के डॉक्टर, कंपाउंडर और महिला स्टाफ समेत 10 लोग जख्मी हो गए, तो परिजनों में पिता रणधीर कुमार महतो तथा चचेरा भाई शेखर कुमार बुरी तरह घायल हो गए हैं. सूचना मिलने पर बैंकमोड़ पुलिस पहुंची व घंटों परिजनों को समझाया. मगर परिजन हटने का नाम नहीं ले रहे थे. स्थिति को भांपते हुए बैंक मोड़ थाना प्रभारी पी के सिंह पहुंचे. उन्होंने उग्र भीड़ को खदेड़ कर मामला शांत कराया. घटना के बारे में बताया जाता है कि 20 मार्च की शाम बैरागढ़ के बीएनआर साइडिंग निवासी 17 वर्षीय रोशन कुमार मोटरसाइकिल सीखने में बुरी तरह घायल हो गया. था. उसे सिर में गहरी चोट लगी थी व नाक की हड्डी टूट गयी थी. परिजनों ने उसे पाटलिपुत्र नर्सिंग होम में भर्ती कराया. 2 दिनों के इलाज के बाद 22 मार्च दोपहर रोशन की मृत्यु हो गई. इसके बाद परिजनों ने आपा खो दिया और अस्पताल में तोड़फोड़ करते हुए डॉक्टरों के साथ जमकर मारपीट की.
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/03/injured-parijan-201x300.jpeg"
alt="" width="201" height="300" /> मारपीट में घायल एक परिजन[/caption] जानकारी देते हुए मृतक के बड़े भाई रोहित कुमार महतो का कहना है कि यदि मरीज की स्थिति गंभीर थी तो उसे डॉक्टरों ने रेफर क्यों नहीं किया. उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर पैसे के लालच में मरीज का इलाज करते रहे और अंततः मौत हो गई. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि लगभग 30 से 35 स्टाफ ने लाठी-डंडे से परिजनों को पीटा.
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/03/injured-staff-300x169.jpeg"
alt="" width="300" height="169" /> घायल अस्पताल का स्टाफ[/caption] पाटलिपुत्र नर्सिंग होम के संचालक निर्मल डोलिया का कहना है कि मरीज का इलाज डॉक्टर वैभव की देखरेख में चल रहा था. मरीज की स्थिति की जानकारी परिजनों को समय-समय पर दी जा रही थी. मरीज की हालत काफी नाजुक थी. गुरुवार की दोपहर उसकी मौत हो गई. उनका कहना है कि मरीज की मृत्यु के बाद परिजन बिल्कुल शांतिपूर्वक नीचे उतरे. तभी बाहर के कुछ असामाजिक तत्वों के भड़काने पर परिजन उग्र हो गए और डॉक्टरों के साथ मारपीट शुरू कर दी, जिसमें 10 स्टाफ गंभीर रूप से घायल हो गए.
हालत गंभीर थी तो रेफर क्यों नहीं किया : रोहित कुमार
[caption id="attachment_588174" align="aligncenter" width="201"]alt="" width="201" height="300" /> मारपीट में घायल एक परिजन[/caption] जानकारी देते हुए मृतक के बड़े भाई रोहित कुमार महतो का कहना है कि यदि मरीज की स्थिति गंभीर थी तो उसे डॉक्टरों ने रेफर क्यों नहीं किया. उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर पैसे के लालच में मरीज का इलाज करते रहे और अंततः मौत हो गई. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि लगभग 30 से 35 स्टाफ ने लाठी-डंडे से परिजनों को पीटा.
असामाजिक तत्वों के भड़काने पर उग्र हुए परिजन
[caption id="attachment_588177" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="169" /> घायल अस्पताल का स्टाफ[/caption] पाटलिपुत्र नर्सिंग होम के संचालक निर्मल डोलिया का कहना है कि मरीज का इलाज डॉक्टर वैभव की देखरेख में चल रहा था. मरीज की स्थिति की जानकारी परिजनों को समय-समय पर दी जा रही थी. मरीज की हालत काफी नाजुक थी. गुरुवार की दोपहर उसकी मौत हो गई. उनका कहना है कि मरीज की मृत्यु के बाद परिजन बिल्कुल शांतिपूर्वक नीचे उतरे. तभी बाहर के कुछ असामाजिक तत्वों के भड़काने पर परिजन उग्र हो गए और डॉक्टरों के साथ मारपीट शुरू कर दी, जिसमें 10 स्टाफ गंभीर रूप से घायल हो गए.
Leave a Comment