20-25 ग्रामीण तड़के चार बजे खदान में उतरे थे
मिली जानकारी के अनुसार, आसपास के गांव के 20-25 की संख्या में लोग अहले सुबह चार बजे कोयले का अवैध खनन करने खदान में उतरे थे. कल्लू भी समूह में था. करीब बीस लोग मुहाने के अंदर गए और कोयला खनन में जुट गए. बाकी लोग खनित कोयले को ढोने के लिए मुहाने के बाहर बैठे थे. करीब एक घंटा बाद सुबह पांच बजे जोरदार आवाज के साथ चाल धंस गई. मुहाने के किनारे और बाहर बैठे लोग तो बाल-बाल बच गए, लेकिन चार-पांच लोग मलबे की चपेट में आ गये. इनमें से एक कल्लू की मौत मौके पर ही हो गई और करीब चार लोग घायल हो गये. सभी घायलों का गुपचुप तरीके से इलाज चल रहा है. कापासारा आउटसोर्सिंग में अवैध खनन में मौत की यह पहली घटना नहीं है. धनबाद के तत्कालीन डीसी ए डोड्डे के समय भी अवैध खनन में चाल धंसने से चार लोगों की मौत हुई थी. मलबे में एक शव दबा रहा गया था. वैध खनन स्थल के पास अवैध खनन स्थल को देख डीसी काफी गुस्से में आ गये थे. उन्होंने ईसीएल मुगमा क्षेत्र के तत्कालीन जीएम सदानंद सुमन की जमकर क्लास ली थी. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-state-pollution-board-asked-for-the-account-of-old-wells-and-ponds-of-the-city/">धनबाद: राज्य प्रदूषण बोर्ड ने शहर के पुराने कुआं-तालाबों का मांगा हिसाब [wpse_comments_template]
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