Search

धनबाद : वन नेशन वन एजुकेशन, कठोर दंड से विकसित भारत का लक्ष्य होगा आसान- अश्विनी कुमार

आईआईटी में विकसित भारत @ 2047 कार्यक्रम में पीआईएल मैन ने दिया व्याख्यान

Dhanbad : भ्रष्टाचार से समाज में अशांति फैलती है. आजादी के बाद जो शैक्षणिक सिस्टम विकसित किया गया, वह असल में गुलामी का सिस्टम था जो करप्शन के लिए डिजाइन किया गया था. विकसित भारत का लक्ष्य पाने के लिए दो बड़े बदलाव की जरूरत है. वन नेशन वन एजुकेशन सिस्टम के साथ दंड व्यवस्था को कठोर बनाना होगा. यह बातें जनहित याचिका (पीआईएल) मैन ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर अश्विनी कुमार उपाध्याय ने कहीं. वह शनिवार को आईआईटी-आईएसएम के गोल्डन जुबली लेक्चर थियेटर में आयोजित विकसित भारत @ 2047 कार्यक्रम के तहत नॉलेज फेस्टिवल के चौथे संस्करण को संबोधित कर रहे थे.

देश में 5 लाख करोड़ का है कोचिंग बिजनेस

उपाध्याय ने कहा कि यूनिफॉर्म एजुकेशन सिस्टम लागू हो जाने के बाद कोचिंग माफिया, किताब माफिया, स्कूल माफिया का व्यवसाय बंद हो जाएगा. देश में कोचिंग व्यवसाय 5 लाख करोड़ का है. इंजीनियरिंग, एमबीए, मेडिकल जैसी बड़ी प्रवेश परीक्षाएं सिंगल पैटर्न पर होती हैं. अलग-अलग एजुकेशन सिस्टम केवल एजुकेशन माफिया को लाभ पहुंचाने के लिए हैं. 10वीं12वीं में जो पढ़ाया जाता है वह प्रवेश परीक्षा में नहीं पूछा जाता, क्योंकि इससे कोचिंग माफिया का बिजनेस खत्म हो जाएगा.

भारत में हजारों वर्ष पहले था यूनिफार्म एजुकेशन सिस्टम

उपाध्याय ने बताया कि अमेरिका ने वर्ष 1950, जबकि फ्रांस, सिंगापुर और चीन जैसे देशों ने हाल ही में यूनिफार्म एजुकेशन सिस्टम लागू किया है. जबकि हमारे देश में यह हजारों वर्ष पहले से लागू था. जहां कृष्ण और सुदामा, राम और निषाद राज, दशरथ और सुमंत एक ही गुरुकुल में एक ही शिक्षा प्राप्त करते थे.

वेद में है लॉ ऑफ ग्रेविटी, मेडिकल में भी हम आगे

उन्होंने बताया कि वेद में लॉ एंड ग्रेविटी है. महर्षि भारद्वाज ने हजारों वर्ष पहले विमान संहिता लिख डाली थी, जो बिना लॉ ऑफ ग्रेविटी की जानकारी के संभव नहीं था. विज्ञान ने अभी डायबिटीज के दो टाइप की खोज की है, जबकि भारतीय आयुर्वेद वर्षों पहले ही बता चुका है कि प्रमेह (डायबिटीज) 21 तरह के होते हैं.

जस्टिस इन ए ईयर लागू हुआ तो 350 सांसद-विधायक गए जेल

उपाध्याय ने बताया कि उनके पीआईएल के बाद वर्ष 2017 में सांसद और विधायक के लिए अलग कोर्ट बनाया गया. जिसमें जस्टिस इन ए ईयर लागू किया गया. इस कोर्ट में 2018 से सुनवाई शुरू हुई और मात्र 5 वर्षों के भीतर 350 सांसद व विधायकों को सजा हो चुकी है. जिनमें से कई का केस 20-30 वर्ष से चल रहा था. इनमें आजम खान, अतीक अहमद, अफसर अंसारी, अफजाल अंसारी, सूरजभान सिंह के साथ कई शामिल हैं. सभी के लिए जस्टिस इन ए ईयर लागू होने पर अपराध में कमी आएगी.

जानें कौन हैं पीआईएल मैन

पीआईएल मैन के नाम से प्रसिद्ध सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने अब तक 150 से अधिक जनहित याचिकाएं दायर की हैं. जिनमें राजनेताओं के खिलाफ अपराधिक मुकदमे दर्ज करने, मुफ्त वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाने, पूजा स्थल अधिनियम, विवाह के लिए एक समान उम्र की मांग जैसे पीआईएल शामिल हैं. वे वर्ष 2011 में अन्ना हजारे के आंदोलन में भी शामिल हुए थे. इस अवसर पर संस्थान की डीन कॉरपोरेट कम्युनिकेशन प्रो रजनी सिंह और डीन एकेडमिक सह प्रभारी निदेशक प्रो एमके सिंह उपस्थित थे. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-pm-will-inaugurate-haral-sindri-factory-on-27th-dc-and-ssp-took-stock//////////////">धनबाद

: पीएम 27 को करेंगे हर्ल सिंदरी कारखाने का उद्घाटन, डीसी व एसएसपी ने लिया जायजा 
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//