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धनबाद: झमाडा जलापूर्ति योजना का सिर्फ 51 प्रतिशत हुआ काम, एमडी ने लगाई फटकार

 

विगत पांच साल से अधूरी पड़ी योजना के काम में तेजी लाने का दिया निर्देश

Dhanbad: झमाडा जलापूर्ति योजना को लेकर शनिवार 8 जुलाई को नगर निगम कार्यालय में नगर आयुक्त सह झमाडा एमडी सतेंद्र कुमार ने जोशी एंड मोदी (जेएमसी) व विभागीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में योजना की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जाहिर करते हुए जेएमसी के प्रतिनिधियों को फटकार लगाई.  उन्हें काम में तेजी लाने का निर्देश दिया.

  एक की सफाई पर दूसरे का लापरवाही का आरोप

जेएमसी प्रबंधन की ओर से अरविंद कुमार ने अपनी सफाई में कहा कि सिविल वर्क का काम 90 प्रतिशत हो चुका है. कई मेजर काम अभी बाकी है. कुल मिलाकर 51 प्रतिशत काम पूरा हुआ है. वार्ड 33 से 52 तक भूमिगत पाइप बिछाने का काम कुछ जगहों पर एनओसी नहीं मिलने के कारण रुका हुआ है. रेलवे व नेशनल हाईवे ऑफ ऑथोरिटी को आनलाइन आवेदन दिया है. अब तक एनओसी नहीं मिला है. योजना की निगरानी कर रहे पीएमसी कम्पनी के प्रतिनिधियों ने जेएमसी पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया. कहा कि यही हाल रहा तो दो साल में भी घरों तक पानी नहीं पहुंचेगा.

समन्वय बना कर काम करें दोनों कंपनियां

एमडी ने दोनों कंपनियों को आपस में समन्वय स्थापित कर काम करने का आदेश दिया. कहा कि कोरोना के कारण योजना काफी पीछे चल रही है. इसमें तेजी लाने की जरूरत है. पुरानी जर्जर पाइप बदलने सहित नया मोटर पंप लगाने का काम जल्द पूरा होना चाहिए. उन्होंने अन्य अधूरे कार्य को एक साल में पूरा करने व जलापूर्ति शुरू करने का निर्देश दिया. विभागीय अधिकारियों को काम में सारी रुकावटें जल्द दूर करने को कहा.

 312 करोड़ रुपये की योजना से लाखों को आस

ज्ञात हो कि 312 करोड़ रुपये की झमाडा जलापूर्ति योजना का काम 2019 से चल रहा है. परंतु अधिकारियों के उदासीन रवैये की वजह से अब तक योजना पूरी नहीं हो सकी है. नियमित रूप से रिव्यू मीटिंग भी नहीं होती है. इधर योजना की आस में झरिया और आसपास की लाखों की आबादी पिछले दो दशक से जल संकट का सामना कर रही है. बैठक में झमाडा के सचिव प्रकाश कुमार, कार्यपालक अभियंता पंकज झा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे. [wpse_comments_template]
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