Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) झारखंड विधानसभा में राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने 3 मार्च शुक्रवार को वर्ष 2023-24 का बजट पेश किया. बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए वित्त मंत्री ने दावा किया कि राज्य में आधारभूत संरचनाओं का विकास तेजी से करना सरकार की प्राथमिकता है. इसलिए बजट में पूंजीगत परिव्यय में बढ़ोतरी करने पर बल दिया है. राज्य के आर्थिक स्वास्थ्य को बेहतर करने और भविष्य की पीढ़ी को आर्थिक बोझ से बचाने के लिए बेहतर ऋण प्रबंधन किया गया है. सामाजिक सेक्टर में इस बार खर्च बढ़ाया गया है, सरकार ने राजकोषीय घाटा को नियंत्रित और कम स्तर तक रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. उन्होंने बजट में किये गए प्रावधानों को जन हितैषी बताया. इधर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सत्ता पक्ष के नेताओं ने बजट को गरीबों के हित में और आनेवाली पीढ़ी को दिशा देनेवाला बताया है, जबकि विरोधी दलों के नेताओं ने बजट को विकास विरोधी और आम जनता के हाथ में थमाया गया झुनझुना कहा है.
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alt="" width="300" height="270" /> विधायक राज सिन्हा का कहना है कि झारखंड सरकार का बजट कागज का पुलिंदा है, दिशाहीन बजट है. कहा कि बेरोजगार को रोजगार नहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर, किसान, स्वास्थ्य पर झारखंड सरकार का कोई ध्यान नहीं है.
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alt="" width="300" height="295" /> बजट का लाभ वर्तमान में आमलोगों को तो मिलेगी ही, आने वाली कई पीढ़ी को भी इसका लाभ मिलेगा. झारखंड सरकार ने झारखंड के आम लोगों के साथ यहां के संसाधनों का भी बजट में ध्यान रखा है. सामाजिक सुरक्षा को लेकर कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए. झुनझुना ही साबित होगा यह बजट : पप्पू सिंह
रामेश्वर उरांव ने जो बजट पेश किया है, वह झारखंडियों के लिए सिर्फ एक झुनझुना ही साबित होगा. एक वाक्य में कहें तो ऊंची दुकान लेकिन फीका पकवान ही है यह बजट. शिक्षा के क्षेत्र में और भी सकारत्मक पहल और प्रयास की जरूरत थी. सरकारी हॉस्पिटल का जीर्णोद्धार की जरूरत है. शिक्षा एवं स्वस्थ दो ऐसे महकमे हैं, जो खुद बीमार हैं.
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alt="" width="213" height="300" /> झारखंड के वित्त मंत्री रामेश्वर उराँव ने झारखंड का बजट 1 लाख 16 हज़ार 418 करोड़ रुपए का बजट पेश किया, परंतु धनबाद का हाथ खाली ही रहा. ओल्ड पेंशन नीति लागू हुई जो सराहनीय कदम है. व्यवसायियों, आम आदमी एवं धनबाद के साथ सौतेला व्यवहार इस बजट में किया गया.
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alt="" width="300" height="300" /> झारखंड का 1 लाख 16 हजार 418 करोड़ का यह बजट राज्य के बहुमुखी विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा. बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित सभी वर्गों को ध्यान में रख कर बजट पेश किया गया है. पिछले बार की तुलना में 15% बढ़ाकर राशि का प्रावधान किया गया है. हमारी गठबंधन की सरकार आर्थिक मंदी और कोरोना के प्रभाव से उबर चुकी है औऱ आज राज्य विकास की पटरी पर दौड़ रहा है. यह सरकार झारखंड के हिट के लिए सदैव तत्पर रहेगी.
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alt="" width="277" height="300" /> राज्य सरकार का बजट बहुत अच्छा है. सभी वर्गों को ध्यान में रखकर सरकार ने अपना बजट पेश किया है. इससे गरीब गुर्गे, युवा, किसान सभी का लाभ होगा. राज्य में युवाओं के लिये रोजगार के नय अवसर भी प्राप्त होंगे. विपक्ष के बारे में क्या कहे, उनका तो काम ही मुंह चिढाना.
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alt="" width="288" height="300" /> इस बजट में छात्र हित को लेकर कोई पहल नहीं की गई है. यह झारखंड की सरकार छात्र विरोधी है. [wpse_comments_template]
विकास विरोधी बजट: सांसद पी एन सिंह
सांसद पी एन सिंह ने कहा कि बजट में कोई नई चीज नहीं है. विकास विरोधी बजट है. कहा की यह बजट झारखंड के हित में नहीं है. कहा कि इस बजट से यही अपेक्षा थी, जो अपेक्षा के अनुकूल ही है.बजट कागज का पुलिंदा है : राज सिन्हा
alt="" width="300" height="270" /> विधायक राज सिन्हा का कहना है कि झारखंड सरकार का बजट कागज का पुलिंदा है, दिशाहीन बजट है. कहा कि बेरोजगार को रोजगार नहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर, किसान, स्वास्थ्य पर झारखंड सरकार का कोई ध्यान नहीं है.
आमलोगों के हक में है बजट: संतोष सिंह
alt="" width="300" height="295" /> बजट का लाभ वर्तमान में आमलोगों को तो मिलेगी ही, आने वाली कई पीढ़ी को भी इसका लाभ मिलेगा. झारखंड सरकार ने झारखंड के आम लोगों के साथ यहां के संसाधनों का भी बजट में ध्यान रखा है. सामाजिक सुरक्षा को लेकर कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए.
झुनझुना ही साबित होगा यह बजट : पप्पू सिंह
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रामेश्वर उरांव ने जो बजट पेश किया है, वह झारखंडियों के लिए सिर्फ एक झुनझुना ही साबित होगा. एक वाक्य में कहें तो ऊंची दुकान लेकिन फीका पकवान ही है यह बजट. शिक्षा के क्षेत्र में और भी सकारत्मक पहल और प्रयास की जरूरत थी. सरकारी हॉस्पिटल का जीर्णोद्धार की जरूरत है. शिक्षा एवं स्वस्थ दो ऐसे महकमे हैं, जो खुद बीमार हैं. धनबाद के साथ सौतेला व्यवहार: सोहराब खान
alt="" width="213" height="300" /> झारखंड के वित्त मंत्री रामेश्वर उराँव ने झारखंड का बजट 1 लाख 16 हज़ार 418 करोड़ रुपए का बजट पेश किया, परंतु धनबाद का हाथ खाली ही रहा. ओल्ड पेंशन नीति लागू हुई जो सराहनीय कदम है. व्यवसायियों, आम आदमी एवं धनबाद के साथ सौतेला व्यवहार इस बजट में किया गया.
मील का पत्थर साबित होगा बजट: रवीन्द्र वर्मा
alt="" width="300" height="300" /> झारखंड का 1 लाख 16 हजार 418 करोड़ का यह बजट राज्य के बहुमुखी विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा. बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित सभी वर्गों को ध्यान में रख कर बजट पेश किया गया है. पिछले बार की तुलना में 15% बढ़ाकर राशि का प्रावधान किया गया है. हमारी गठबंधन की सरकार आर्थिक मंदी और कोरोना के प्रभाव से उबर चुकी है औऱ आज राज्य विकास की पटरी पर दौड़ रहा है. यह सरकार झारखंड के हिट के लिए सदैव तत्पर रहेगी.
बजट में सभी वर्गों का रखा गया ध्यान : देबू महतो
alt="" width="277" height="300" /> राज्य सरकार का बजट बहुत अच्छा है. सभी वर्गों को ध्यान में रखकर सरकार ने अपना बजट पेश किया है. इससे गरीब गुर्गे, युवा, किसान सभी का लाभ होगा. राज्य में युवाओं के लिये रोजगार के नय अवसर भी प्राप्त होंगे. विपक्ष के बारे में क्या कहे, उनका तो काम ही मुंह चिढाना.
छात्र हित को लेकर कोई पहल नहीं : अमन अभिषेक
alt="" width="288" height="300" /> इस बजट में छात्र हित को लेकर कोई पहल नहीं की गई है. यह झारखंड की सरकार छात्र विरोधी है. [wpse_comments_template]
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