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धनबाद: निजी स्कूलों की मनमानी पर अभिभावक खामोश, संघ लड़ रहा टि्वटर वॉर

Dhanbad : धनबाद (Dhanbad)   अप्रैल-2023 से शुरू हो रहे नए सेशन को लेकर जिले के पब्लिक स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों की परेशानी शुरू हो चुकी है. यह परेशानी चिन्हित दुकानों पर किताब व ड्रेस, स्टिकर, कॉपी और जिल्द के लिए मनमानी राशि वसूले जाने तक है. कहने को तो स्कूल प्रशासन ने वेबसाइट पर बुक लिस्ट जारी कर दी है, लेकिन ये किताबें प्रकाशकों द्वारा गिने-चुने दुकानदारों को ही उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे अभिभावकों के लिए चिह्नित दुकानों पर जाना मजबूरी हो गई है. इससे स्कूलों की सांठ-गांठ का अंदेशा हो रहा है.

   स्टिकर, कॉपी व जिल्द भी लेने की बाध्यता

बता दें कि डीनोबिली सीएमआरआई के एलकेजी कक्षा की किताबों का मूल्य 1441 रुपये, जबकि कॉपियों का मूल्य 457 रुपये रखा गया है. एक अन्य स्कूल में पहली कक्षा के एक सेट किताब का मूल्य ₹830 रखा गया है. जबकि किताब दुकान संचालकों द्वारा ₹481 मूल्य के जिल्द और लगभग इतने ही मूल्य की कॉपियों की खरीदारी को भी अनिवार्य किया गया है. स्टिकर, जिल्द और कॉपी नहीं खरीदने पर किताबें भी नहीं दी जा रही हैं.

  अभिभावक संघ आंदोलन के मूड में नहीं

झारखंड अभिभावक महासंघ और झारखंड अभिभावक संघ नामक दो संघ अस्तित्व में हैं. लेकिन दोनों संघ के पदाधिकारी अपनी शिकायतें सोशल मीडिया व ट्विटर के माध्यम से ज्यादा उठाते हैं. संघ के प्रतिनिधि अभिभावकों द्वारा लिखित कंप्लेन नहीं मिलने को आधार बनाते हैं. संघ को किसी स्कूल के खिलाफ आंदोलन करते नहीं देखा गया है. हालांकि 15 मार्च को झारखंड अभिभावक महासंघ ने इस मुद्दे पर धैया में   बैठक बुलाई है, जिसमें आगे की रणनीति तय होगी.

   लिखित शिकायत नहीं मिलने का बहाना बना रहे डीएसई

वहीं पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधीक्षक सह आरटीई सेल के नोडल पदाअधिकारी भूतनाथ रजवार अभिभावकों की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिलने का बहाना बना रहे हैं. उनका कहना है कि अब तक एक भी अभिभावक से स्कूल व किताब दुकानदारों की मनमानी के खिलाफ शिकायत नहीं मिली है. [wpse_comments_template]

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