प्रशासन जर्जर मकान और मालिकों पर रखे नजर
घटना के संबंध में पूर्व पार्षद अनूप साव ने बताया कि झरिया में ऐसे कई पुराने जर्जर मकान हैं, जो कभी भी ढह सकते हैं. उन मकानों पर न तो नगर निगम के अधिकारी ध्यान देते हैं और ना ही मकान मालिक उसकी मरम्मत के बारे में सोचते हैं. झरिया बाजार के लोगों को हमेशा किसी बड़े हादसे का डर सताता रहता है. जीता जागता उदाहरण 19 जून को बाटा मोड़ की घटना है. उन्होंने कहा कि कोई बड़ा हादसा हो जाता तो जिम्मेदारी कौन लेता. इसलिए प्रशासन को अविलंब ऐसे जर्जर मकान मालिकों पर कार्रवाई करनी चाहिए. कहा कि नगर निगम को भी अपना दायित्व समझना चाहिए. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-panchkalyanak-maha-mahotsav-of-jains-begins-with-a-grand-procession/">धनबाद: भव्य शोभायात्रा के साथ जैनियों का पंचकल्याणक महामहोत्सव शुरू [wpse_comments_template]

Leave a Comment