Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) में मंगलवार 16 मई को एक मरीज 108 एंबुलेंस की राह देखता रहा और अंततः दम तोड़ दिया. इस अव्यवस्था से मरीज के परिजनों में रोष है. जिले में वेंटीलेटर समेत अन्य सुविधाओं से लैस 108 के 28 एंबुलेंस अपनी सेवा दे रहे हैं. बावजूद मरीजों की जान सांसत में है.
मरीज को वेंटिलेटर के साथ ले जाना था रांची
घटना के बारे में बताया जा रहा है कि मनईटांड़ कुम्हार पट्टी निवासी 73 वर्षीय केशर साव को सुबह लगभग 5 बजे ब्रेन हैमरेज हो गया. परिजनों ने आनन फानन उन्हें एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया. मगर डॉक्टरों ने मरीज स्थिति को देखते हुए तत्काल रांची रिम्स रेफर कर दिया. परिजनों ने बताया कि मरीज को वेंटिलेटर के साथ रांची ले जाना था. इसके लिए उन्हें 108 एंबुलेंस की जरूरत थी. अस्पताल परिसर में खड़े एंबुलेंस पर नजर दौड़ाई, तो वहां एक भी नहीं मिला. इसके बाद परिजन लगातार 108 पर कॉल कर एंबुलेंस से संपर्क साधने की कोशिश करते रहे. एक घंटा से भी अधिक समय बीत जाने के बाद कर्मियों ने एंबुलेंस को व्यस्त बताया. इस बीच मरीज ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया. 108 एंबुलेंस अब प्राइवेट अस्पतालों की भी सेवा में
108 एंबुलेंस चालक पिंटू कुमार का कहना है कि शहर में लगभग 28 एंबुलेंस कार्यरत हैं, जो 24 घंटे सेवा दे रहे हैं. परंतु कभी-कभी एंबुलेंस अत्यधिक व्यस्त हो जाता है, जिस कारण हम समय पर नहीं पहुंच पाते. सूत्रों की मानें तो 108 एंबुलेंस अब प्राइवेट अस्पतालों में भी सेवा दे रहे हैं. इसीलिए सरकारी अस्पतालों के मरीज को घंटों इंतजार करना पड़ता है या कभी कभी जान से भी हाथ धोना पड़ जाता है. मृतक के परिजनों की मानें तो अस्पताल परिसर व आसपास के इलाकों में 108 एंबुलेंस का अभाव मरीज की जान को खतरे में डालनेवाला साबित हुआ है. [wpse_comments_template]
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