alt="" width="300" height="169" /> एसएनएमएमसीएच का महिला बर्न वार्ड[/caption] सूत्रों के अनुसार व्यवस्था की कमी, बढ़ती गंदगी तथा इन्फेक्शन की रोकथाम के उपायों का अभाव मरीजों के लिए घातक साबित हुआ है. सूत्रों का कहना है कि बर्न वार्ड में धनबाद के आसपास सहित पड़ोसी जिले गिरिडीह, जामताड़ा तथा कोडरमा के मरीज भी पहुंचते थे. इन जिलों से पहुंचने वाले मरीजों की संख्या लगभग 80 से 90 हुआ करती थी. मगर व्यवस्था की कमी व गंदगी के कारण धीरे धीरे मरीज यहां आने से कतराने लगे हैं.
धनबाद : समस्याओं से घिरे एसएनएमएमसीएच के बर्न वार्ड में नहीं आ रहे मरीज
Dhanbad : शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का बर्न वार्ड इन दिनों खुद समस्याओं से झुलस रहा है. स्थिति सुधरने की बजाये बदतर होती जा रही है. वार्ड की दशा देख मरीज भी अब कम ही आ रहे हैं. आंकड़ों के अनुसार विगत 5 माह में गंभीर तथा सामान्य रूप से जले मरीजों की संख्या में भारी गिरावट आई है. फिलहाल अस्पताल के बर्न वार्ड में मात्र 4 मरीजों का इलाज हो रहा है, जिनमें 3 महिला और एक पुरुष शामिल है. [caption id="attachment_653994" align="aligncenter" width="300"]
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/Burn-ward-woman-300x169.jpeg"
alt="" width="300" height="169" /> एसएनएमएमसीएच का महिला बर्न वार्ड[/caption] सूत्रों के अनुसार व्यवस्था की कमी, बढ़ती गंदगी तथा इन्फेक्शन की रोकथाम के उपायों का अभाव मरीजों के लिए घातक साबित हुआ है. सूत्रों का कहना है कि बर्न वार्ड में धनबाद के आसपास सहित पड़ोसी जिले गिरिडीह, जामताड़ा तथा कोडरमा के मरीज भी पहुंचते थे. इन जिलों से पहुंचने वाले मरीजों की संख्या लगभग 80 से 90 हुआ करती थी. मगर व्यवस्था की कमी व गंदगी के कारण धीरे धीरे मरीज यहां आने से कतराने लगे हैं.
alt="" width="300" height="169" /> एसएनएमएमसीएच का महिला बर्न वार्ड[/caption] सूत्रों के अनुसार व्यवस्था की कमी, बढ़ती गंदगी तथा इन्फेक्शन की रोकथाम के उपायों का अभाव मरीजों के लिए घातक साबित हुआ है. सूत्रों का कहना है कि बर्न वार्ड में धनबाद के आसपास सहित पड़ोसी जिले गिरिडीह, जामताड़ा तथा कोडरमा के मरीज भी पहुंचते थे. इन जिलों से पहुंचने वाले मरीजों की संख्या लगभग 80 से 90 हुआ करती थी. मगर व्यवस्था की कमी व गंदगी के कारण धीरे धीरे मरीज यहां आने से कतराने लगे हैं.
Leave a Comment