गायब रहे सीनियर डॉक्टर
शनिवार 20 मई को सीनियर डॉक्टर अस्पताल से गायब मिले. वार्ड में भर्ती मरीज जूनियर डॉक्टर और कुछ स्थायी कर्मियों के भरोसे रहे. स्वास्थ्य सेवाओं का हाल जानने पहुंचे विभाग के संयुक्त सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज व अजय कुमार सिंह हड़ताली कर्मियों से शाम बजे तक नहीं मिले थे. कर्मी, संयुक्त सचिव से फरियाद करने की बजाय हड़ताल पर डटे हुए हैं.48 घंटे से ओपीडी पड़ा है ठप, मरीज बेचैन
हड़ताल के कारण 48 घंटे से काउंटर बंद है. फलस्वरूप 1600 लोगों को बिना इलाज के वापस लौटना पड़ा है. शनिवार 20 मई को कुछ मरीजों को कर्मी आश्वासन देते रहे कि आज डाक्टर बिना पर्ची के भी देखेंगे. इस इंतजार में कई मरीज परिजनों के साथ कुर्सी पर दिनभर इंतजार करते रहे. ज्ञात हो कि यहां धनबाद जिले के अलावा गिरिडीह, जामताड़ा और कोडरमा जिले तक के मरीज इलाज कराने आते हैं. सेवा बाधित होने से उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है.वार्ड में कुछ मरीज जमीन पर लेटे हैं मरीज
[caption id="attachment_643252" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="169" /> जन औषधि केंद्र भी पड़ा ठप[/caption] पिछले 48 घंटे में अस्पताल की अव्यवस्था के कारण चार लोगों की मौत हो चुकी है. दो की मौत इमर्जेंसी और दो अन्य की मौत वार्ड में हो चुकी है. वार्ड में कुछ मरीज जमीन पर लेट कर इलाज कराते भी मिले. अस्पताल का मेडिसिन के काउंटर भी बंद मिला. दो दिनों में 40 से अधिक लोग इलाज के अभाव में वार्ड छोड़कर चले गए हैं. अस्पताल का लोड कम करने के लिए चिकित्सक समय से पहले ही छुट्टी दे कर घर पर आराम करने की सलाह दे रहे हैं.
हर दिन सिर्फ एक व्यक्ति का ऑपरेशन
[caption id="attachment_643253" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="169" /> परिजन खुद अपने मरीज को एंबुलेंस स्ट्रेचर पर ले जाते हुए[/caption] अस्पताल में गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के इलाज पर भी बुरा असर पड़ रहा है. हर दिन 5 से 7 मरीजों का बड़ा ऑपरेशन होता था. परंतु पिछले दो दिनों से सिर्फ 1 का ऑपरेशन हो रहा है. दो या तीन माइनर ऑपरेशन हो रहे हैं. अस्पताल के सर्जन डॉ विष्णु शिव मुंडा ने बताया कि ऑपरेशन में 1/3 का असर पड़ा है. किसी तरह काम निकाला जा रहा है.

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