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धनबाद : विकास की अंधी दौड़ का खामियाजा भुगत रहे लोग : प्रो मिश्रा

 

आईआईटी में तीन दिवसीय संगोष्ठी की हुई शुरुआत

Dhanbad : जी-20 के एक पृथ्वी, एक फैमिली, और एक फ्यूचर के थीम को आधार देते हुए आईआईटी-आईएसएम में 15 सितंबर को साइंस एंड टेक्नोलॉजी फॉर सस्टेनेबल फ्यूचर-2023 विषय पर तीन दिवसीय संगोष्ठी शुरू हुई. संगोष्ठी का आयोजन इंडियन नेशनल यंग एकेडमी ऑफ़ साइंसेज (आईएनवाईएएस) द्वारा किया गया है. संगोष्ठी में पृथ्वी के टिकाऊ भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों और उद्योग जगत के युवा वैज्ञानिकों के साथ मंथन किया जाना है. संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सिंफर के निदेशक प्रो एके मिश्रा ने कहा कि हाल में विकास की अंधी दौड़ का परिणाम प्रकृति के अनियमित व्यवहार के रूप में सामने आया है. लोगों ने विकास की अंधी दौड़ में प्रकृति से छेड़छाड़ का खामियाजा भुगता है. ऊर्जा सुरक्षा सहित सभी प्रकार की समस्याओं का समाधान विज्ञान में है. स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रिक वाहन आदि का उपयोग कर हम पर्यावरण को स्थिरता प्रदान कर सकते हैं. आईआईटी के प्रभारी निदेशक प्रो जेके पटनायक ने कहा कि वर्ष 1960 के बाद ट्रेडिशनल इकोनामी से नॉलेज इकोनामी का दौर शुरू हुआ. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ नवाचार सतत विकास सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. संगोष्ठी को आईआईटी आइएसएम के उपनिदेशक प्रो धीरज कुमार व फिजिक्स के एसोसिएट प्रो राजेंद्र सिंह ढाका ने भी संबोधित किया. संगोष्ठी में आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बीएचयू, आईआईटी रोपड़, आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी जम्मू, आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी मुंबई और बीएआरसी मुंबई के सौ से अधिक युवा वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं. [wpse_comments_template]
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