स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग का निरीक्षण बेअसर
उपायुक्त की पहल पर स्वास्थ्य विभाग व पशुपालन विभाग की टीम ने हैचरी का निरीक्षण किया था. टीम ने हैचरी संचालक को कई निर्देश भी दिए थे. कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी थी. परंतु कोई विशेष लाभ नहीं हुआ. हैचरी संचालक ने गांव व उसके आसपास के इलाके में कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया, मगर दवा का असर मक्खियों पर नहीं पड़ा, उल्टे लोगों की बकरी और मुर्गियां मरने लगीं.अब उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना देंगे
ग्रामीण भागीरथ महतो की तीन तथा मीना देवी व अनीता देवी की चार-चार बकरी के बच्चे मर चुके हैं. मक्खियां">https://www.bbc.com/hindi/international/2016/08/160810_vert_earth_fruit_fly_big_questions_pk">मक्खियांअब भी घर- आंगन में भिनभिना रही हैं. लोगों ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर समस्या का समाधान नहीं होता है तो उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना पर बैठने को विवश होंगे. पहाड़ीधार के बबलू कुमार महतो ने कहा कि स्वास्थ्य व पशुपालन विभाग की टीम के लौटे छह दिन बीत चुके हैं. परंतु समस्या जस की तस बनी हुई है. अब जिला प्रशासन से गुहार लगाएंगे. इसी गांव के पिंटू कुमार महतो का कहना है कि प्रशासन मौन है. समस्या के समाधान की दिशा में कोई पहल नहीं की गई है. सिविल सर्जन ने संज्ञान नहीं लिया है. भागीरथ महतो कहते हैं कि निरीक्षण टीम के आने के बाद हैचरी संचालक ने दवा का छिड़काव तो कराया, लेकिन उल्टे घर की बकरी मर गई.
गांव से रिश्ता भी नहीं जोड़ना चाहते लोग
पहाड़ीधार गांव में रहनेवाली मीना देवी कहती हैं कि गंदगी और दुर्गंध की वजह से लोग अब इस गांव से रिश्ता जोड़ने से कतराने लगे हैं. बताया कि उनका लड़का व लड़की विवाह योग्य हो चुके हैं, लेकिन कुटुंब नहीं आ रहे हैं. फूलन देवी ने कहा कि पहले गांव साफ स्वच्छ था. जब से हैचरी खुल गई है, तब से मक्खियों">https://www.bhaskar.com/HAR-OTH-MAT-latest-jhajjar-news-022003-680414-NOR.html/">मक्खियोंका प्रकोप बढ़ गया है. कुछ दिन पहले तालाब में मछलियां भी मर गई थीं. उसके बाद समस्या से संचालक को अवगत कराया. मगर कोई पहल नहीं की गई. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-bjp-gheraoed-the-municipal-corporation-on-the-issue-of-electricity-and-water/">धनबाद
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