Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) पितृपक्ष अमावस्या पर रविवार 25 सितंबर को भारी संख्या में लोग नदी- तालाबके घाटों पर जुटे और पितरों को याद किया. लोगों ने सिर का मुंडन कर जलाशयों में डुबकी लगाई और अपने पुरखों के लिए तर्पण किया. ज्ञातव्य है कि पितृपक्ष में विगत 15 दिनों से यह सिलसिला चल रहा है. रविवार को अंतिम दिन भी लोगों ने पितरों को मंत्रोच्चार के बीच तर्पण के जरिये उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. धनबाद के दामोदर नदी, मैथन डैम, तोपचांची झील के अलावा लोको टैंक पंपू तालाब, बेकार बांध, रानी बांध, राजा तालाब, विकासनगर छठ तालाब आदि जलाशयों पर बड़ी संख्या में लोगों ने अपने पुरखों को याद किया. उनका ध्यान कर जल अर्पित किया. पंडित जितेंद्र पांडेय ने बताया कि आज की तिथि को सर्वपितृ अमावस्या भी कहा जाता है. उन्होंने कहा कि सनातन को मानने वाले लोग 10 से 15 दिन शोक मनाते हैं. स्नान- ध्यान कर अपने पुरखों को जल अर्पित करते हैं. दान-पुण्य का काम भी किया जाता है. जिन लोगों को पूर्वजो की मृत्यु की तिथि का पता नहीं होता, उनके लिए सर्वपितृ अमावस्या के दिन ही श्राद्ध का प्रावधान है. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-villagers-burn-effigy-of-stone-mines-management-in-topchanchi/">धनबाद:
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धनबाद: पितृपक्ष के अंतिम दिन जलाशयों पर जुटे लोग, पुरखों को किया याद

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