जलमीनार बनाए बिना बढ़ा दिया वाटर कनेक्शन
कॉलोनी वासी पिछले कई महीनों से कॉलोनी में पानी कम पहुंचने की शिकायत कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि पहले कॉलोनी में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से जिस पाइप लाइन के जरिये पानी पहुंचाया जाता था, उसमें कोई खराबी नहीं है. इन दिनों कॉलोनी में लोगों की आबादी बढ़ गई है. नगर निगम की एजेंसी जुडको ने इलाके में अतिरिक्त जल मीनार बनाए बिना ही बेतहाशा वाटर कनेक्शन बढ़ा दिया है. नतीजतन पानी की क्षमता नहीं बढ़ी, जबकि वॉटर कनेक्शन का लोड अधिक बढ़ गया. यही कारण है कि अब कुसुम विहार कॉलोनी तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है.आर पार की लड़ाई लड़नी होगी : डॉक्टर राजेश
[caption id="attachment_397837" align="aligncenter" width="274"]alt="" width="274" height="300" /> डॉ राजेश कुमार स्थानीय शिकायतकर्ता[/caption] पेयजल संकट से जूझ रहे कुसुम बिहार कॉलोनी वासी डॉक्टर राजेश ने कहा कि लगभग 5 महीने से समस्या ज्यादा बढ़ गई है. अब लोगों को आर पार की लड़ाई लड़नी होगी. उन्होंने बताया कि यह विभागीय लापरवाही है. आसपास के क्षेत्रों में आबादी बढ़ी है. अगर विभाग वाटर कनेक्शन देने से पहले पूरी व्यवस्था कर लेता तो आज यह दिन देखने को नहीं मिलता. उन्होंने कहा कि विधायक राज सिन्हा, पेट्रोलियम एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सिंह से मुलाकात कर समस्या से निजात दिलाने की मांग की थी. बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया.
अब तक निराशा ही हाथ लगी : नीरज कुमार
[caption id="attachment_397839" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="289" /> नीरज कुमार[/caption] नीरज कुमार सहाय बताते है कि विगत कुछ माह से कुसुम विहार में पानी की बहुत ज्यादा किल्लत हो गई है. नगर निगम पीएचईडी विभाग से गुहार भी लगा चुके हैं. लेकिन अब तक निराशा ही हाथ लगी है. अगर समय रहते हालत नहीं सुधरी तो आंदोलन होगा.
जल्द होगा समस्या का समाधान : विधायक
विधायक राज सिन्हा ने बताया कि कुसुम विहार वासी दूसरी बार उनके पास पानी की समस्या लेकर पहुंचे हैं. विधायक ने कहा कि समस्या को लेकर पीएचईडी और पानी सप्लाई करने वाली एजेंसी मेसर्स अभय सिन्हा को भी बुलवाया था और उपायुक्त को भी फोन किया. उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान निकल जाएगा.50 लाख खर्च करने पड़ेंगे : कार्यपालक अभियंता
पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता मनीष कुमार का कहना है कि तत्काल समस्या का समाधान स्टील गेट से डायरेक्ट पाइपलाइन बिछाकर किया जा सकता है. इसके लिए विभाग को 50 लाख खर्च करने पड़ेंगे और टेंडर भी कराना होगा. हालांकि कॉलोनी की समस्या दूर करने के बारे में मनीष कुमार ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-bbmku-has-released-the-date-of-filling-the-form-for-the-examinations-of-many-semesters/">धनबाद:बीबीएमकेयू ने जारी की कई सेमेस्टर की परीक्षाओं के फॉर्म भरने की तिथि [wpse_comments_template]

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