Dhanbad: झरिया के कुजामा में बीसीसीएल ने कोयला निकालने का जिम्मा आउट सोर्सिंग कंपनी को सौंप दिया है. कंपनी ने काम शुरू कर दिया है. पहले फेज में सर्वे और सीआईएसएफ का कैंम्प बनाने का काम हो रहा है, जिससे कुजामा की 5 हजार आबादी प्रभावित होगी. वहां के लोगों के पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लोगों में रोष है. बीसीसीएल की सर्वे टीम शुक्रवार 28 जनवरी को जब सर्वे के लिए पहुंची तो स्थानीय लोगों ने विरोध करते हुए काम रोक दिया.
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alt="" width="300" height="165" /> सर्वे करते आउटसोर्सिंग कंपनी के लोग[/caption] बीसीसीएल की कुजामा कोलियरी के परियोजना प्रभारी के के सिंह का कहना है कि अभी सर्वे का काम चल रहा है. आउट सोर्सिंग शुरू होने से पहले उनका पुनर्वास करा दिया जाएगा. लेकिन बस्ती के लोगों को बीसीसीएल अधिकारी पर भरोसा नहीं है. इसके कई कारण हैं. लोगों का कहना है कि कई वर्ष गुजरने पर जरेड़ा ने बेलगड़िया टाउनशिप में मात्र 4500 लोगों का पुनर्वास किया है. आउट सोर्सिंग कम्पनी माइंस बना कर कोयला उत्खनन करेगी और लोगों को इसी धूल कण और ब्लास्टिंग के बीच रहना होगा. स्थानीय लोगों और बीसीसीएल के बीच टकराव जिला प्रशासन के लिए लॉ एंड ऑर्डर की समस्या उत्पन कर सकता है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-sparsh-leprosy-awareness-campaign-will-start-on-gandhis-death-anniversary/">धनबाद
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भारी संख्या में पुलिस और सीआइएसएफ तैनात
इसके पहले गुरुवार 27 जनवरी को भी जब कैम्प निर्माण के लिए बीसीसीएल अधिकारी पंहुचे थे तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा था. स्थानीय लोगों के विरोध को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस और सीआईएसएफ को तैनात कर दिया गया है. कुजामा में एक हजार घर हैं, जिसमें 5 हजार की आबादी है. कोयला उत्खनन के लिए ओपन माइंस बनने पर यहां के लोग सीधे तौर पर प्रभावित होंगे. इधर बीसीसीएल ने नके पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले उनका पुनर्वास सुनिश्चित हो, घर दिया जाए तथा कुजामा के सीके साइडिंग में 250 मजदूरों का काम सुनिश्चित हो, तभी वे काम करने देंगे.अभी मात्र सर्वे, काम शुरू होने पर होगा पुनर्वास
[caption id="attachment_230295" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="165" /> सर्वे करते आउटसोर्सिंग कंपनी के लोग[/caption] बीसीसीएल की कुजामा कोलियरी के परियोजना प्रभारी के के सिंह का कहना है कि अभी सर्वे का काम चल रहा है. आउट सोर्सिंग शुरू होने से पहले उनका पुनर्वास करा दिया जाएगा. लेकिन बस्ती के लोगों को बीसीसीएल अधिकारी पर भरोसा नहीं है. इसके कई कारण हैं. लोगों का कहना है कि कई वर्ष गुजरने पर जरेड़ा ने बेलगड़िया टाउनशिप में मात्र 4500 लोगों का पुनर्वास किया है. आउट सोर्सिंग कम्पनी माइंस बना कर कोयला उत्खनन करेगी और लोगों को इसी धूल कण और ब्लास्टिंग के बीच रहना होगा. स्थानीय लोगों और बीसीसीएल के बीच टकराव जिला प्रशासन के लिए लॉ एंड ऑर्डर की समस्या उत्पन कर सकता है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-sparsh-leprosy-awareness-campaign-will-start-on-gandhis-death-anniversary/">धनबाद
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