Maithon : चिरकुंडा नगर परिषद के गठन के 15 साल बाद भी यहां स्थायी बस व टेम्पो स्टैंड नहीं बन सका है. इससे विभाग को तो राजस्व की हानि हो ही रही है, चिरकुंडावासियों को आवागमन में भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लगभग आठ साल पहले स्थायी बस व टेम्पो स्टैंड के लिए अलग-अलग दो बार सरकारी डाक हुआ था. बाद में सरकारी डाक की राशि बढ़ा दी गई. इसके बाद किसी ने रुचि नहीं दिखाई और फिर डाक नहीं हो सका. चिरकुंडा शहीद चौक के समीप अस्थायी बस व टेम्पो स्टैंड रहने के कारण प्रायः जाम लगा रहता है. सड़क पर ही बस व टेम्पो खड़ा कर दिया जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विनोद कुमार कर्मकार ने बताया कि चिरकुंडा में बस स्टैंड की जरूरत है. इसके लिए बोर्ड में प्रस्ताव पारित किया गया है. बस स्टैंड निर्माण के लिए तीन करोड़ रुपये आए हैं. तालडांगा स्थित माडा कॉलोनी के समीप सात माह पहले जगह का चयन किया गया था. स्थल का निरीक्षण करने एडीएम नंद किशोर गुप्ता भी आए थे. जमीन के एनओसी के लिए एडीएम को भेजा गया है, लेकिन सात माह बाद भी एनओसी नहीं मिला है. इस कारण स्टैंड का निर्माण रुका पड़ा है. हालांकि एक बार फिर एनओसी के लिए पत्र लिखा जाएगा. दोनों स्टैंड के लिए दूसरी जगह भी जमीन की तलाश की जा रही है. [wpse_comments_template]
धनबाद: एनओसी नहीं मिलने से चिरकुंडा में नहीं बन पा रहा स्थायी स्टैंड
Last Updated: Jun 10, 2023 12:00 AM (IST)