5 लाख की आबादी प्रदूषण की चपेट में
झरिया की लगभग 5 लाख की आबादी प्रदूषण की चपेट में है. यहां के सैकड़ों जनता लंग्स केंसर से पीड़ित हैं. सांस लेने में भी लोगों को दिक्कत होती है. पेंड पौधों पर भी भारी मात्रा में धूल जमी रहती है. शुद्ध हवा भी दुर्लभ हो गई है. लोगों का कहना है कि अगर जल्द प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो तो आने वाली पीढ़ी बचपन से ही बीमारियों के आगोश में होंगी. कहा कि पर्यावरण दिवस पर पदाधिकारी जो वादे करते हैं, अगर 10% भी धरातल पर नजर आए तो पर्यावरण में काफी सुधार आ सकता है. लोगों ने कहा बीसीसीएल को टाटा से सीख लेनी चाहिए. टाटा को कोलियरी प्रबंधन पर्यावरण को ध्यान में रख कर खनन का काम कर रहा है.अधिकारियों के वादे नहीं उतरते धरातल पर
[caption id="attachment_381520" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="225" /> यूथ कॉन्सेप्ट के पदाधिकारी अखलाक[/caption] वही यूथ कॉन्सेप्ट के पदाधिकारी अखलाक ने कहा कि वह अपनी संस्था की ओर से लोगों को समय समय पर जागरूक करने के लिए कार्यक्रम करते रहते हैं, ताकि झरिया पर प्रदूषण के मामले में नम्बर वन का लगा धब्बा धुल जाए. उन्होंने कहा कि निगम और बीसीसीएल के अधिकारी प्रदूषण रोक थाम के लिए जो वादे करते हैं, उसे धरातल पर उतारें. जनप्रतिनिधियों को भी आगे आने की जरूरत है, अन्यथा स्थिति किसी दिन और भयावह हो जाएगी. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-humility-love-harmony-and-values-are-the-backbone-of-student-life-ashish/">धनबाद:
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