परिजन बोले- कंपनी की लापरवाही से हुआ हादसा
Dhanbad : कतरास के निचितपुर रेलवे स्टेशन के समीप समपार फाटक पर रेलवे का पोल गाड़ने के दौरान 25 हज़ार वोल्ट के हाईटेंशन तार के संपर्क में आने से मृत 6 ठेका मजदूरों के शवों का 30 मई को एसएनएमएमसीएच में पोस्टमार्टम हुआ. इसके बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजन शवों को अपने-अपने घर ले गए. परिजनों के विलाप से वहां का माहौल गमगीन था. कोई अपना बेटा खो बैठा था, तो कोई भाई या दामाद. वे अपना गम छिपा नही पा रहे थे और रुक-रुककर उनका चित्कार वातावरण में गूंज रहा था. इधर, पोस्टमार्टम के बाद सभी मृतकों का बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है. ज्ञात हो कि आउटसोर्स कंपनी सिक्का इंजीनियरिंग के मजदूर 29 मई को निचितपुर रेलवे स्टेशन से आगे समपार फाटक के पास रेलवे का पोल गाड़ने का काम कर रहे थे. तभी पोल का ऊपरी हिस्सा ओवरहेड हाईटेंशन तार में सट गया, जिससे काम कर रहे 6 मजदूरों की करंट से झुलस कर मौत हो गई. शव लेने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने हादसे के लिए आउटसोर्स कंपनी सिक्का व रेलवे अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है. कहा कि सबसे बड़ी लापरवाही कंपनी की. कंपनी मजदूरों से बिना सुरक्षा उपकरण के काम करवा रही थी. उन्हें न तो बूट दिए गए, न ही ग्लब्स. हादसे का शिकार हुए राम सुरेश मिस्त्री के परिजन प्रयागराज (इलाहाबाद) से आए थे, जबकि मृतक संजय राम के परिजन लातेहार से, धर्मनाथ के परिजन झालदा से, गोविंद सिंह व श्यामदेव के परिजन पलामू से पोस्टमार्टम हाउस पहुचे थे.कंपनी ने दिया शव घर पहंचाने का खर्च, 3 लाख रु. मुआवजा भी देगी
आउटसोर्स कंपनी सिक्का इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट मैनेजर मोहन कुमार ने कहा कि मृतकों के आश्रितों को कंपनी ने 3-3 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है. साथ ही शव को घर तक पहुंचाने का खर्च भी दे रही है. एक समय सीमा तक आश्रित को सैलरी के रूप में 15000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-aarti-performed-with-51-lamps-of-katri-river-on-ganga-dussehra/">धनबाद: गंगा दशहरा पर कतरी नदी की 51 दीपों से हुई आरती [wpse_comments_template]
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