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धनबाद : निरसा के अधूरे बरबेंदिया पुल पर सत्ता व विपक्ष आमने-सामने

Nirsa : धनबाद कोयलांचल को जामताडा से जोड़ने के उद्देश्य से निरसा क्षेत्र के बरबेंदिया में बराकर नदी पर बना अधूरा पुल शुरू से ही विवादों में रहा है. वर्ष 2008 में निर्माण के दौरान भारी बारिश में पुल के 4 पिलर ध्वस्त हो गए थे. तब से ही पुल अधूरा पड़ा हुआ है. पुल का निर्माण करने वाली कंपनी डालिमया एंड ग्रुप को सरकार ने उसी समय ब्लैक लिस्टेड कर दिया था. अब इस पुल को लेकर निरसा की विधायक अपर्णा सेनगुप्ता व जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी आमने-सामने आ गए हैं. दोनों ने पुल को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाया है.

कमीशनखोरी की वजह से पहले ही टूट गया पुल : इरफान

[caption id="attachment_649076" align="aligncenter" width="225"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/irfan-1.jpeg"

alt="" width="225" height="225" /> जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी[/caption] जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी ने निरसा की भाजपा विधायक अपर्णा सेनगुप्ता पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि बरबेंदिया पुल कमीशनखोरी की वजह से तैयार होने से पहले ही टूट गया. पुल का पाया ध्वस्त होने के समय निरसा की तत्कालीन विधायक अपर्णा सेनगुप्ता सरकार में मंत्री थीं. उनके कार्यकाल में ही पुल का निर्माण कार्य चल रहा था. अपर्णा सेनगुप्ता की अधिक कमीशनखोरी की वजह से एजेंसी ने पुल की गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा और नतीजा सबके सामने है.

चोरी और ऊपर से सीनाजोरी, यह बात हजम नहीं होती : अपर्णा

[caption id="attachment_649081" align="aligncenter" width="130"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/aparna-1.jpeg"

alt="" width="130" height="130" /> निरसा विधायक अपर्णा सेनगुप्ता[/caption] इरफान अंसारी के बयान पर पलटवार करते हुए निरसा विधायक अपर्णा सेनगुप्ता ने कहा कि जिसकी गाड़ी से बोरे में भरा कमीशनखोरी का पैसा बरामद किया गया हो, वो दूसरे पर आरोप लगाए और आदर्श संहिता का पाठ पढ़ाए, यह हास्यास्पद लगता है. अपर्णा ने चुनौती देते हुए कहा कि राज्य में अभी महागठबंधन की सरकार है. सरकार इसकी जांच कराए कि किसने कितना कमीशनखोरी की है और किस ऑफिसर ने किसको कितना कमीशन दिया है. इसे भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-fir-lodged-against-four-accused-in-the-firing-case-on-anwar/">धनबाद

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गुणवत्ता के अनुरूप पुल का काम नहीं हुआ : अरूप चटर्जी

[caption id="attachment_649084" align="aligncenter" width="301"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/arup-2.jpeg"

alt="" width="301" height="167" /> पूर्व विधायक अरूप चटर्जी[/caption] इधर, निरसा के पूर्व विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि पुल निर्माण में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया. घोटाला के चलते पहली बारिश में ही बरबेंदिया पुल के पाए ध्वस्त हो गए. यह जांच का विषय है. उन्होंने कहा कि मैंने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया और नए सिरे से पुल निर्माण की मांग की. लेकिन तत्कालीन रघुवर दास सरकार ने उनकी नहीं सुनी. अगर यह पुल बन जाता, तो लोगों को सुविधा होती. छोटी-बड़ी गाड़ियों के साथ-साथ एमपीएल में चलने वाली गाड़ियों को भी लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती. निरसा में हो रही सडक दुर्घटनाओं पर भी काफी हद तक रोक लगती.

वर्ष 2008 में भारी बारिश में ध्वस्त हो गए थे पुल के 4 पाए 

जामताड़ा और धनबाद को जोड़ने के उद्देश्य से बराकर नदी पर वर्ष 2007-2008 में करीब साढे तीन किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण शुरू हुआ था. इसकी प्राक्कलन राशि 55 करोड रुपये थी. निर्माण के दौरान भारी बारिश में वर्ष 2008 में पुल के चार पिलर ढह गए. इधर अधूरे पुल के पुर्ननिर्माण को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जनता को साथ लेकर आंदोलन किया. विधायक अपर्णा सेनगुप्ता ने भी कई बार विधानसभा में मामला उठाया. इसके बावजूद आज भी पुल अधूरा पड़ा है. यह सच्चाई है कि बरबेंदिया पुल निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया. 80 फीट डीप खुदाई कर पिलर निर्माण की जगह महज 35 फीट ही खुदाई की गई. नेताओं व अफसरों को कमीशन देने के चक्कर में एजेंसी ने निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-after-the-corporations-warning-the-shopkeepers-of-katras-themselves-started-removing-the-encroachment/">धनबाद

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