Dhanbad : जिले के सबसे बड़े अस्पताल एसएनएमएमसीएच में कार्यरत 120 कर्मचारियों को हटाने का आदेश राज्य सरकार ने 15 मई सोमवार को जारी कर दिया है. इस आदेश के बाद कर्मचारियों के बीच खलबली मची है. सरकार के इस फैसले के बाद नाराज कर्मचारियों ने मंगलवार 16 मई को अस्पताल के अधीक्षक अरुण कुमार बर्णवाल का घेराव किया व आदेश को निरस्त करने की मांग की. कर्मचारियों ने कहा कि अगर सरकार जल्द आदेश निरस्त नही करती है तो सभी कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे.
अब कंपनी के सिर्फ 308 कर्मी ही करेंगे काम
बताया जा रहा है कि एसएनएमएमसीएच में हज़ारीबाग़ की कंपनी फ्रंटलाइन NCR बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड की ओर से 428 कर्मचारी अलग-अलग विभागों में कार्यरत थे. राज्य सरकार ने 120 कर्मचारियों को हटाने का फैसला लिया है, जो 21 मई से अगले आदेश तक लागू रहेगा. अब 21 मई से अस्पताल में 428 की जगह सिर्फ 308 कर्मचारी ही सेवा देंगे. हालांकि हटाये जाने वाले कर्मचारियों के नाम का खुलासा नहीं किया गया है. नाराज कर्मियों ने दी हड़ताल की चेतावनी
सरकार के आदेश से नाराज सभी तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे डाली है. उन्होंने कहा है कि सरकार फैसला अमानवीय है. हम कई वर्षों से अस्पताल में अपनी सेवा देते आ रहे हैं. अचानक हटाए जाने से हम सड़क पर आ जाएंगे. उन्होंने कहा कि सरकार आदेश वापस नहीं लेगी तो तमाम कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे. यह सरकार का आदेश है: अधीक्षक
अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉक्टर अरुण कुमार वर्णवाल का कहना है कि यह सरकार का आदेश है. उन्होंने कहा कि नए आदेश के तहत सरकार ने जितने पद स्वीकृत किए हैं, उतने ही कर्मचारियों से काम लेंगे. उन्होंने कहा कि अस्पताल में कर्मचारियों की संख्या पहले ही कम थी. अब सरकार के इस फैसले से अस्पताल पर दबाव बढ़ जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार को अस्पताल की वस्तु स्थिति से अवगत कराऊंगा. आंदोलन पर उन्होंने कहा कि कर्मचारी लोकतांत्रिक ढंग से अपनी मांग सरकार के समक्ष रखें. [wpse_comments_template]
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