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धनबाद: डीएसई की भी नहीं सुनते निजी स्कूल, मनमानी से बढ़ी अभिभावकों की परेशानी

Dhanbad: धनबाद (Dhanbad) निजी स्कूल डीएसई की भी नहीं सुनते. डीएई ने जिले के सभी मान्यता,संबंद्धता प्राप्त स्कूलों से शैक्षणिक सत्र 2020-21,2021-22,2022-23 की ऑडिट रिपोर्ट मांगी थी. परंतु अब तक मात्र 60 में से 23 निजी स्कूलों ने ही इस आदेश का पालन किया. बाकी स्कूल डीएसई के आदेश को दरकिनार करते दिख रहे है. डीएसई कार्यालय ने 20 अप्रैल तक ऑडिट रिपोर्ट जमा करने का समय दिया था. अब तक कई निजी स्कूलों ने ऑडिट रिपोर्ट जमा नहीं की है. हालांकि डीएसई इंद्रभूषण सिंह का कहना है कि 23 स्कूलों ने ऑडिट रिपोर्ट दी है. शेष स्कूलों को रिमाइंडर भेजा जाएगा. कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किसी स्कूल पर कार्रवाई होगी.

  अभिभावक कर रहे त्राहि-त्राहि

इधर स्कूलों की मनमानी से छात्रों के अभिभावक त्राहि त्राहि कर रहे हैं. कोरोना काल में अभिभावकों को तंगी का सामना करना पड़ा तो अब निजी स्कूलों की मनमानी से उनकी जेब ढीली करने के सारे उपाय किये जा रहे हैं. कई अभिभावक कर्ज के तले दबते जा रहे हैं, तो कई बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है. निजी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को उनके बच्चों के भविष्य के नाम पर विभिन्न हथकंडे अपनाकर फीस वसूल रहे हैं. दूसरी ओर सरकार या विभाग शिकायत के बावजूद अभिभावकों को न्याय नहीं दिला पा रहा है.

  लगातार आदेश की अनदेखी, कार्रवाई नदारद

विगत आठ अप्रैल को निजी स्कूलों के प्रचार्यो साथ बैठक कर डीएसई इंद्रभूषण सिंह ने कहा था कि आदेश की अनदेखी पर जिला स्तर पर कक्षा एक से आठवीं की मान्यता रद्द कर दी जाएगी. लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई है. निजी स्कूलों में विवाद बढ़ता जा रहा है. लेकिन शिक्षा विभाग कान में तेल डालकर सोया है. यह भी पढ़ें : धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-breaking-relations-with-common-people-green-vegetables-became-of-elders/">धनबाद:

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