अभिभावक कर रहे त्राहि-त्राहि
इधर स्कूलों की मनमानी से छात्रों के अभिभावक त्राहि त्राहि कर रहे हैं. कोरोना काल में अभिभावकों को तंगी का सामना करना पड़ा तो अब निजी स्कूलों की मनमानी से उनकी जेब ढीली करने के सारे उपाय किये जा रहे हैं. कई अभिभावक कर्ज के तले दबते जा रहे हैं, तो कई बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है. निजी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को उनके बच्चों के भविष्य के नाम पर विभिन्न हथकंडे अपनाकर फीस वसूल रहे हैं. दूसरी ओर सरकार या विभाग शिकायत के बावजूद अभिभावकों को न्याय नहीं दिला पा रहा है.लगातार आदेश की अनदेखी, कार्रवाई नदारद
विगत आठ अप्रैल को निजी स्कूलों के प्रचार्यो साथ बैठक कर डीएसई इंद्रभूषण सिंह ने कहा था कि आदेश की अनदेखी पर जिला स्तर पर कक्षा एक से आठवीं की मान्यता रद्द कर दी जाएगी. लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई है. निजी स्कूलों में विवाद बढ़ता जा रहा है. लेकिन शिक्षा विभाग कान में तेल डालकर सोया है. यह भी पढ़ें : धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-breaking-relations-with-common-people-green-vegetables-became-of-elders/">धनबाद:आम लोगों से रिश्ता तोड़ बड़े लोगों की हो गईं हरी सब्जी [wpse_comments_template]

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