रिसर्च, सेमिनार का कराएंगे आयोजन
प्रो-वीसी ने कहा कि बिहार और झारखंड के विश्वविद्यालयों में रिसर्च, सेमिनार और वर्कशॉप काफी कम आयोजित होते हैं. उनका प्रयास ऐसा माहौल बनाना होगा, जिसमें रिसर्च, सेमिनार और वर्कशॉप को गति मिल सके, जिससे विश्वविद्यालय के अधीनस्थ कॉलेजों का परसेप्शन ठीक हो सके. नैक में भी उसे फायदा हो. उन्होंने न्यू एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) को ठीक से लागू करने की रणनीति बनाने एवं खेलकूद, कल्चरल गतिविधियों को बढ़ाने की बात कही. कहा कि खेलकूद और कल्चरल एक्टिविटी विश्वविद्यालय में जीवंतता बनाए रखते हैं.नैक के अनुभव से सुधारेंगे कॉलेजों की ग्रेडिंग
प्रो वीसी ने कहा कि वह नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल (नैक) की टीम से लंबे समय तक जुड़े रहे हैं. वह 20 स्थानों पर नैक की पियर टीम में शामिल रहे हैं. 16 स्थानों पर चेयर पर्सन के रूप में नैक ग्रेडिंग के लिए गए हैं. नैक में उनका लंबा अनुभव है. अपने अनुभव का इस्तेमाल बीबीएमकेयू के कॉलेजों की नैक ग्रेडिंग सुधारने में करेंगे. उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में कॉलेज प्रबंधन ने नैक को हौवा बना रखा है. वह कॉलेज प्रबंधन के दिमाग से इस हौवा को निकालने का प्रयास करेंगे. यह भी पढ़ें: ">https://lagatar.in/dhanbad-event-companies-are-charging-double-the-price-for-arranging-a-wedding-ceremony/">धनबाद: विवाह समारोह के प्रबंध में दोगुनी कीमत वसूल रही हैं इवेंट कंपनियां [wpse_comments_template]

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