Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

धनबाद : जिले में पैक्स से मात्र 4459.14 क्विंटल धान की खरीद, लक्ष्य से 86 फीसदी कम

Dhanbad : धनबाद जिले में इस बार सरकारी दर पर धान की खरीद काफी कम हुई है. 15 दिसंबर से अभी तक पैक्सों में मात्र 4459.14 क्विंटल धान की ही खरीदारी हुई है. जबकि सरकार ने 30 हजार क्विंटल खरीद का लक्ष्य रखा था. यानी लक्ष्य से 86 प्रतिशत कम खरीद हुई है. जिला प्रशासन 9 प्रखंडों में कुल 13 पैक्स खोले हैं, जिनमें से सिर्फ 11 पैक्स में ही धान पहुंचे. बाकी दो पैक्सों ने तो अभी तक एक छटांक धान की भी खरीद नहीं की है.

इन स्थानों पर खोले गए हैं पैक्स

धनबाद प्रखंड के पुटकी, बलियापुर के पलानी, गोविंदपुर के गोड़तोपा व विराजपुर, बाघमारा के राजगंज व खानूडीह, टुंडी के ओझाडीह कटानिया, व पूर्णाडीह, पूर्वी टुंडी के लटानी, तोपचांची के ब्राह्मनडीह व कोरकोटा तथा निरसा, कलियासोल ओर एग्यारकुंड प्रखंड के लिए निरसा चट्टी में पैक्स बनाया गया है. लेकिन इन केंद्रों पर किसानों की संख्या काफी कम रही है. जबकि पिछले साल धान की खरीद लक्ष्य के करीब थी. चालू वित्तीय वर्ष में पैक्सों में धान की खरीद के लिए महज 9 दिन शेष बचे हैं.

सरकार ने की थी यह घोषणा

राज्य के सुखाड़ क्षेत्र वालों जिलों में इस बार धनबाद भी शामिल है. लेकिन जिले के कुछ इलाके ऐसे हैं जहां धान की फसल ठीक हुई है. सुखाड़ क्षेत्र घोषित होने के बाद सरकार ने किसानों को सुखाड़ राहत योजना का लाभ देने के साथ यह घोषणा कर दी की पैक्स में धान बेचने वाले किसानों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा. इससे किसान असमंजस में पड़ गए. आपूर्ति विभाग के सहायक रूपलाल सोरेन ने कहा कि इस बार उम्मीद से काफी कम धान की खरीद हुई है. इसका सबसे बड़ा कारण जिले में धान की फसल का कम होना है, दूसरा कारण सुखाड़ राहत भी है. धान की खरीद कम होने के बारे में जब डीएसओ योगेंद्र प्रसाद से फोन पर संकर्प किया गया, तो उन्होंने कहा कि अभी मैं दिल्ली में हूं. लौटने के बाद पूरा आकलन कर ही कुछ कह पाऊंगा. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-tempo-and-407-vehicle-collided-in-barwadda-three-killed-6-injured/">धनबाद

: बरवाअड्डा में टेम्पो व 407 वाहन में टक्कर, तीन की मौत, 6 लोग घायल [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही