रेलवे में घाटा के लिए सरकार की फिजूलखर्ची जिम्मेदार
सदस्यों ने कहा कि कलाकार अपने संसाधनों से देश की सांस्कृतिक एकता के लिए काम कर रहे हैं. नाटक, नृत्य कलाकारों को सरकार कोई संरक्षण नहीं देती है. रेलवे में घाटा के लिए सरकार की फिजूलखर्ची जिम्मेदार है. कलाकारों, वरिष्ठ नागरिकों को रियायत देते हुए रेलवे को लाभ ही हुआ है. यदि घाटा होता है तो पूर्व सांसदों, विधायकों को छूट क्यों दी जाती है.अन्य सभी संगठनों से किया जाएगा संपर्क
राष्ट्रीय महासचिव सतीश कुन्दन ने कहा कि व्यापक आंदोलन के लिए देशभर में विभिन्न कला टीमों तथा सिनियर सिटीजन संगठनों, खिलाड़ी संघों से सम्पर्क अभियान चलाया जाएगा. राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक मानव ने कहा कि एक सप्ताह तक देश भर में कलाकार सांकेतिक कार्यक्रम के जरिये डीआरएम, प्रधानमंत्री, रेलमंत्रीव संस्कृति मंत्री को रेलवे में कन्सेशन पुनः बहाल करने हेतु पत्र लिखेंगे.पूरे देश के कलाकार व वरिष्ठ नागरिक करेंगे आंदोलन
एक सितंबर को देश भर के विभिन्न सांस्कृतिक संगठनों, खिलाड़ियों, सिनियर सिटीजन संगठनों के साथ बैठक कर भावी कार्यक्रमों की घोषणा करेंगे. पांच सितंबर शिक्षक दिवस पर पूरे देश के कलाकार और सीनियर सिटीजन प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और रेलमंत्री को ट्वीट करेंगे. सितंबर-अक्टूबर में शिमला में राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक होगी, जिसमें 4 नवंबर को लोकतंत्र दिवस पर दिल्ली चलो कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. बैठक में पंजाब से परमिंदर पाल कौर, गोपाल शर्मा, हिमाचल प्रदेश से रजित सिंह कंवर दिल्ली से अशोक मेहरा, सुरेन्द्र सागर, राजस्थान से सुनील चौहान, उत्तर प्रदेश से सुनील दत्त विश्वकर्मा, मध्यप्रदेश से सुनील राज, आरती विश्वकर्मा, बिहार से अशोक मानव, झारखंड से वशिष्ठ प्रसाद सिन्हा,सरसी चंद्र, राजेन्द्र प्रसाद, सतीश कुन्दन, मो निजाम, छवि दास, बंगाल से अनिमेष देव, त्रिपुरा से किंकर नारायण दत्त व तेलंगाना से सुरभि जयवर्धने मौजूद थे. धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक मानव ने किया. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-saffron-colored-market-filled-with-slogans-of-bol-bam-echoing-in-the-city/">धनबाद:भगवा रंग से पटा बाजार, शहर में गूंज रहे बोल बम के नारे [wpse_comments_template]

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