(Dhanbad) सहित सभी रेल मंडलों में चालू वित्तीय वर्ष से लागू कर दी गई है. फीडबैक के लिए एक डाटाबेस तैयार कर स्पैरो सिस्टम पर लिंक अपलोड किया जाएगा. इस लिंक को टच कर कर्मी अपने रिपोर्टिंग मैनेजर के संबंध में फीडबैक दे सकेंगे. एक बार फीडबैक देने (सबमिट करने) के बाद उसे वापस ट्रैक नहीं किया जा सकेगा. साल में एक बार एनुअल परफॉर्मेंस अप्रेजल से पहले फीडबैक लिए जाएंगे. रेलकर्मी नि:संकोच अपने रिपोर्टिंग मैनेजर के संबंध में फीडबैक दे सकते हैं. इसे पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा. हर अधिकारी को एमएसएफ से गुजरना होगा. पहले सिर्फ अधिकारी कर्मिचारियों के संबंध में वार्षिक प्रतिवेदन और रिमार्क लिखते थे.
अधिकारियों के व्यवहार में आएगा बदलाव
बदलाव फीडबैक सिस्टम से संबंधित डाटाबेस तैयार होने से रेल अधिकारियों के स्वभाव में विनम्रता आएगी. वे अपने अधीनस्थ कर्मियों से अच्छा व्यवहार करेंगे. कई बार कर्मियों को अकारण अफसरों की फटकार सुननी पड़ती है. काम के बोझ तले दबे कर्मचारियों पर और काम का बोझ डाला जाता है. इस व्यवस्था से कार्यसंस्कृति में सुधार आना तय माना जा रहा है. यह भी पढ़ें :">https://lagatar.in/dhanbad-essay-competition-among-the-children-of-railway-workers-on-the-nectar-festival-of-independence/">धनबाद : आजादी के अमृत महोत्सव पर रेल कर्मियों के बच्चों के बीच निबंध प्रतियोगिता [wpse_comments_template]
















































































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