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धनबाद : रंजय की पत्नी रूमी सिंह ने कोर्ट से मांगी सुरक्षा

Dhanbad :  रंजय हत्याकांड की गवाह पत्नी रूमी सिंह ने सोमवार 15 मई को अदालत में आवेदन दायर कर सुरक्षा की गुहार लगाई है. धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार की अदालत में दलील देते हुए अधिवक्ता मोहम्मद जावेद ने कहा कि रूमी सिंह के पति की हत्या के छह वर्ष हो गए हैं. आरोपी हर्ष सिंह एवं नंदकुमार सिंह के विरुद्ध आरोप गठन के भी चार वर्ष बीत गए. परंतु अभियोजन ने 24 गवाहों में से अभी तक मात्र पांच गवाहों का ही परीक्षण कराया है, जिसमें से दो मेरे ही परिवार के लोग हैं. गवाह अभियुक्तों से भयभीत हैं. आवेदन में रूमी सिंह ने आरोप लगाया है कि 13 मई 23 को 3:00 बजे दोपहर दो अज्ञात बाइक सवार व्यक्ति उनके घर पर आए और खुलेआम चुनौती दी कि यदि गवाही दिलवाया तो बुरा परिणाम होगा. उन्होंने झरिया पुलिस स्टेशन में शिकायत की. बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही उन्हें सुरक्षा दी जा रही है. दूसरी ओर चश्मदीद गवाह व मामले के सूचक राजा यादव ने पुन: शपथ पत्र के साथ आवेदन देकर अदालत से  सुरक्षा की गुहार लगाई है. अदालत में दायर आवेदन में राजा यादव ने कहा है कि इस मुकदमे का वह चश्मदीद गवाह है और सूचक भी है. 29 अप्रैल 23 को उन्होंने अदालत से सुरक्षा की गुहार लगाई थी, जिस पर एसएसपी को आदेश दिया गया था कि उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाए. परंतु एसएसपी ने सुरक्षा मुहैया नहीं कराई, जो अदालत के आदेश की अवमानना है.

  हाईकोर्ट ने भी मांगी है रिपोर्ट

रंजय हत्याकांड में जेल मे बंद नंद कुमार सिंह के जमानत आवेदन का विरोध करते हुए 28 अप्रैल रूमी सिंह के अधिवक्ता ने अदालत को कहा था कि इस मामले में सूचक को गवाही के लिए नहीं बुलाया जा रहा है. गवाहों को आरोपियों की ओर से धमकाया जा रहा है. हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए रजिस्ट्रार जनरल को मामले की जांच कर बारह मई तक रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था. रजिस्टार जनरल द्वारा हाईकोर्ट में रिपोर्ट समर्पित कर दी गई है. 19 मई को सुनवाई निर्धारित है.

  महेंद्र हत्याकांड में गवाह पेश करने का आदेश

Dhanbad :  माले विधायक महेंद्र सिंह हत्याकांड में सीबीआई के विशेष अभियोजक चंदन सिंह ने गवाह पेश करने हेतु समय की याचना की. सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रजनीकांत पाठक की अदालत ने सीबीआई को गवाह पेश करने का आदेश दिया है. सुनवाई में जेल में बंद हार्डकोर नक्सली रमेश दा ऊर्फ साकिम दा को अदालत में पेश किया गया. उल्लेखनीय है कि 6 फरवरी 05 को माले विधायक महेन्द्र सिंह की हत्या बगोदर से सभा कर लौटते समय दुर्गीधवैया गांव के समीप मोटरसाइकिल सवार अपराधियों ने कर दी थी. हत्या की गुत्थी सुलझाने का जिम्मा सीबीआई के स्पेशल क्राईम ब्रांच लखनऊ को सौंपी गई थी. गिरिडीह कोर्ट में पेशी के दौरान 14 नवंबर 12 को साकिम दा पुलिस पर हमला कर साथियों के साथ भाग गया था. [wpse_comments_template]

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