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धनबाद : रंजीत साव ने कम समय में बना ली थी व्‍यवसाय जगत में पहचान

Dhanbad : झरिया के ऊपर कुली में MRF टायर शोरूम में संचालक रंजीत साव की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. इस घटना से धनबाद (Dhanbad)">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=300797&action=edit">(Dhanbad)

 शहर समेत पूरे जिले के व्‍यवसायी मर्माहत हैं. इस ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं. धुन के पक्‍के रंजीत साव ने अपने पिता और भाई के कारोबार में हाथ बंटाने के दौरान ही व्‍यवसाय की बारीकियों को सीख लिया और काफी कम समय में ही शहर के व्‍यवसाय जगत में अपनी अलग पहचान बना ली. एक सफल व्‍यवसायी के रूप में खुद को स्‍थापित किया. रंजीत साव के पिता पूरे परिवार के साथ झरिया कोयरीबांध में रहते थे. 15 साल पहले भागा रेलवे स्टेशन रोड में एक घर खरीदा और तब से पूरा परिवार वही रह रहा है. दो भइयों में रंजीत साव छोटे थे. बड़े भाई का नाम रंजन साव है. इनके पिता रामचंद्र साव पहले किसी चावल व्यवसाई के यहां मुंशी का काम करते थे, फिर खुद का चावल का व्यापार शुरू किया. उनका चावल का व्यापार अच्छा चला. इसके बाद पश्चिम बंगाल के बर्दवान जिले में चावल का थोक कारोबार करने लगे. बरवाअड़ा बाजार समिति में भी खाद्य पदार्थ का थोक कारोबार शुरू किया था.

बड़े भाई से मिलकर खरीद लिए 50 ट्रक व हाइवा 

रामंद्र साव का बड़ा बेटा रंजन साव पूर्व विधायक के पेट्रोल पंप पर डीजल सप्‍लसई करते थे. बाद में कारोबार को आगे बढ़ाते हुए ट्रक खरीदा और भागा रैक प्‍वाइंट से आयरन चिप्स और कोयला लोड करवाता था. छोटा भाई रंजीत साव भी उसमें सहयोग करने लगा. कुछ ही दि‍न में ट्रांपोर्टिंग का कारोबार अच्छा चल निकला. अच्‍छी कमाई हुई और धीरे-धीरे दोनों ने करीब 50 ट्रक और हाइवा खरीद लिए. झरिया ऊपर कुली में एमआरएफ टायर का शोरूम भी खोला, जहां अधिकतर रंजीत साव ही बैठते थे. साथ में ट्रांपोर्ट का भी कारोबार देखते थे. रंजीत का नगर निगम में कॉन्टेक्टर का भी काम चलता था.

नगर निगम में टेंडर को लेकर हुआ था विवाद

करीब एक साल पहले रंजीत साव का विहिप नेता के भाई से कारोबार में पैसे को लेकर विवाद हुआ था. इस मामले में दोनो से थाने में केस दर्ज हुआ था. वहीं नगर निगम में हाल में ही टेंडर को लेकर भी विवाद हुआ था.

पत्‍नी को एक दि‍न बाद हुई घटना की जानकारी

रंजीत साव की हत्‍या के एक दिन बाद यानी 30 अप्रैल को उनकी पत्नी मनीषा साव को घटना की जानकारी हुई. जैसे यह पता चला कि रंजीत अब इस दुनिया में नहीं हैं, मनीषा बदहोश हो गईं. मनीषा को एक 11 साल की बेटी गुनगुन और 8 साल का बेटा रणवीर है. साथ में बूढ़ी मां भी रहती हैं. रंजीत साव के पिता रामचंद्र साव की पिछले साल कोरोना से मौत हो गई थी. यह भी पढ़ें : सिक्का">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=300533&action=edit">सिक्का

चुनने वाली पुलिस पर हंसते हैं धनबाद के रंगबाज सीसीटीवी में कैद रंजीत साव को गोली मारने की घटना [wpse_comments_template]  

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