क्या है मामला
रैयत राजा दास ने बताया कि वर्ष 2016 में चापापुर ओसीपी विस्तारीकरण के समय उनकी 2 एकड़ जमीन ईसीएल प्रबंधन ने अधिग्रहित की थी. जमीन अधिग्रहण के समय प्रबंधन ने आश्वासन दिया था कि 3 से 6 माह के अंदर आश्रित को नियोजन दे दिया जाएगा. परंतु 7 साल बाद भी नियोजन नहीं मिला. ईसीएल प्रबंधन ने अधिग्रहित जमीन को खोदकर कोयला भी निकाल लिया. काफी दौड़-धूप के बाद दिसंबर 2021 में ईसीएल प्रबंधन ने उनकी मेडिकल जांच कराई. मेडिकल जांच में वह पूरी तरह स्वस्थ पाये गए. मेडिकल जांच के 7 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ईसीएल प्रबंधन नौकरी नहीं दे रहा. हालांकि कई रैयतों को मेडिकल जांच के 3 माह बाद ही नियोजन दे दिया गया. मजबूरन उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है. यह भी पढ़ें: धनबाद:कोयला">https://lagatar.in/dhanbad-15th-july-protest-against-privatization-of-coal-industry-will-be-historic-arup-chatterjee/">धनबाद:कोयलाउद्योग के निजीकरण के खिलाफ 15 जुलाई का प्रदर्शन होगा ऐतिहासिक: अरुप चटर्जी [wpse_comments_template]

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