Dhanbad : धनबाद स्थित जालान अस्पताल में भर्ती एक मरीज की मौत हो जाने के बाद गुरुवार देर शाम अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ. परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और समय पर रेफर नहीं करने का आरोप लगाया.वहीं अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मरीज की हालत पहले से ही अत्यंत गंभीर थी उपचार में किसी तरह की कोताही नहीं बरती गई है.
मरीज की पहचान सुसनीलेवा निवासी 48 वर्षीय एजाज अहमद के रूप में हुई है. वह जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) कार्यालय में सीनियर क्लर्क के पद पर कार्यरत थे. उनकी मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और परिचित अस्पताल पहुंच गए.कुछ ही देर में अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया. सूचना मिलने पर धनबाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया.
परिजन मोहम्मद कैफ अली ने बताया कि एजाज अहमद को 3 अगस्त को तेज बुखार के बाद जालान अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान बुधवार रात अस्पताल से फोन कर उनकी हालत गंभीर होने की जानकारी दी गई जिसके बाद परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे.
परिजनों का आरोप है कि गुरुवार सुबह से ही चिकित्सक मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कह रहे थे लेकिन रेफर करने की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं की गई. उन्होंने कहा कि रेफरल से जुड़े दस्तावेज काफी देर बाद उपलब्ध कराए गए. इसके बाद जब मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाया जा रहा था तभी रास्ते में उनकी मौत हो गई.
वहीं जालान अस्पताल के यूनिट हेड डॉ सी राजन ने परिजनों के आरोपों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने बताया कि जब एजाज अहमद को अस्पताल लाया गया तब उनकी स्थिति पहले से ही बेहद गंभीर थी. उनका प्रारंभिक इलाज किसी अन्य अस्पताल में चल रहा था. जालान अस्पताल पहुंचने तक वे तेज बुखार के साथ एक्यूट किडनी इंजरी (Acute Kidney Injury) जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहे थे.
डॉ राजन ने कहा कि मरीज की गंभीर स्थिति और उससे जुड़े संभावित जोखिमों की जानकारी लगातार परिजनों को दी जाती रही.चिकित्सकों ने पूरी गंभीरता के साथ इलाज किया और आवश्यकता पड़ने पर रेफर करने की प्रक्रिया भी अपनाई. उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल पर इलाज में लापरवाही और रेफर करने में देरी के लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं.
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