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धनबाद : आदिवासी युवतियों के साथ धर्माबांध पुलिस ने की बर्बरता, गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस को घंटों बंधक बनाया

 

एसआई पर ग्रामीणों ने दो युवतियों को घसीट कर गाड़ी में बैठाने का लगाया आरोप

Katras : धर्माबांध ओपी पुलिस पर आदिवासी युवतियों के साथ बर्बरता का आरोप लगाकर नीचे देवघरा के ग्रामीणों ने बुधवार की रात जमकर बवाल किया. साथ ही पुलिस कर्मियों को घंटों बंधक बनाए रखा. ग्रामीणों ने पुलिस की जमकर फजीहत भी की. मौका पाकर ओपी के एसआई ग्रामीणों के चंगुल से भाग निकले. हंगामे की खबर पाकर ओपी प्रभारी कमलेश कुमार मौके पर पहुंचे जहां उन्हें भी ग्रामीणों का आक्रोश झेलना पड़ा. हालांकि उन्होंने किसी तरह ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का अश्वासन देकर समझा-बुझा कर शांत करवाया. इधर, घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में पुलिस के वाहन को घेर कर ग्रामीण महिला-पुरुष पुलिस का विरोध कर हंगामा करते दिख रहे हैं. मामले को लेकर नीचे देवघरा की आदिवासी युवती शकुंतला कुमारी ने ओपी प्रभारी को लिखित शिकायत देकर ओपी के एसआई दिग्विजय सिंह सहित तीन पुलिसकर्मियों पर जबरन घसीटते हुए गाड़ी में बैठाने, गाली गलौज व अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है. मामले की जानकारी देते हुए आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष सनातन सोरेन ने बताया कि बुधवार की रात धर्माबांध ओपी के छोटा बाबू दिग्विजय सिंह अपने तीन पुलिसकर्मी के साथ पेट्रोलिंग वाहन से नीचे देवघरा पहुंचे ओर फागू मांझी के घर में घुस कर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट कर घर में तोड़फोड़ कर शराब की तलाशी लेने लगे. जब घर में कहीं शराब बरामद नहीं हुई, तो दिग्विजय सिंह ने फागू मांझी के 17 वर्षीय नाबालिग लड़की शकुंतला कुमारी, विरासमुनी कुमारी व पुत्र अघनू मांझी को जबरन घसीटते हुए पुलिस बोलेरो वाहन में बैठाकर सुनसान जगह पर ले गए. खबर पाकर ग्रामीण पहुंचे और घटना का विरोध करने लगे. उन्होंने कहा कि इस तरह की पुलिसिया बर्बता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अविलंब दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करता हूं.

गलतफहमी के चलते हंगामा हुआ : ओपी प्रभारी

मामले को लेकर ओपी प्रभारी कमलेश कुमार ने कहा कि पुलिस जावा महुआ नष्ट करने के लिए नीचे देवघरा पहुंची थी. जावा महुआ नष्ट कर पुलिस रात को वहां से लौट रही थी कि तभी ग्रामीण पुलिस वाहन को घेर कर हंगामा करने लगे. कुछ गलतफहमी हो गई थी जिसकी वजह से हंगामा हुआ था. मामला सॉर्ट आउट कर लिया गया है. आदिवासी युवती को जबरन पुलिस जीप में बैठने के सवाल पर उन्होंने कहा कि युवती खुद पुलिस वाहन में बैठी थी. युवती के द्वारा शिकायत दी गई है जिसपर जांच-पड़ताल की जा रही है. [wpse_comments_template]
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