Nirsa : श्री राधा कृष्ण प्रेम मंदिर की ओर से दुदानी कॉलोनी, गोविंदपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन 12 फरवरी को कथावाचक सुरेन्द्र हरिदास जी महाराज ने शुकदेव जी और राजा परीक्षित संवाद की कथा सुनाई. महाराज जी ने जन्म व पुनर्जन्म का विस्तर से वर्णन करते हुए भक्तों का मार्गदर्शन किया. कहा कि स्वार्थ छोड़ भगवत भजन में लगो, जीवन धन्य हो जाएगा. कथा की शुरुआत करते हुए हरिदास जी ने कहा कि राजा परीक्षित महल छोड़कर गंगा तट पर पहुंचे. उन्होंने वहां संतों से दो प्रश्न किए- जीवन में मनुष्य और मरणशील व्यक्ति को क्या करना चाहिए. महाराज जी ने इस भाव का विस्तार से वर्णन करते हुए सभी भक्तों का मार्गदर्शन किया. जब शुकदेव जी राजा परीक्षित के सामने पधारे, तो राजा परीक्षित ने उन्हें दण्डवत प्रणाम किया और पूछा कि मरणशील व्यक्ति को क्या करना चाहिए. श्री शुकदेव महाराज ने बताया कि राजन तुम धन्य हो, तुमने अपने बारे में नहीं पूरे संसार के कल्याण के लिए उत्तम प्रश्न किया है. जिसकी मृत्यु नजदीक है ऐसे प्रत्येक मनुष्य को श्रीमद्भागवत कथा सुननी चाहिए. कथा को सफल बनाने में प्रमुख यजमान संजय अग्रवाल उनकी पत्नी अनीता अग्रवाल, दिनेश मंडल, उनकी पत्नी रूबी मंडल, विमलेश सिंह, ललिता सिंह, धनंजय सिंह, रवि साव, शिशिर भगत, तलेबर साव, संजय भगत आदि का सहयोग मिल रहा है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-dozens-of-laborers-from-chirkunda-joined-the-mass/">धनबाद
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धनबाद : स्वार्थ छोड़ भगवान का सुमिरन करें, जीवन धन्य होगा- हरिदास जी

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