पुलिस बल में 30% महिलाओं की भागीदारी सशक्तिकरण की परिचायक
[caption id="attachment_522036" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="141" /> परेड का निरिक्षण करते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन[/caption] मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल में 30% महिलाओं की भागीदारी महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इस साल कुल 2445 जवान तैयार हुए हैं. इनमें 1813 महिलाएं हैं. पुलिस बल में महिलाओं महिलाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं. यह राज्य और पूरे देश के लिए सुखद संकेत है. उन्होंने प्रमेंद्र सिंह, प्रतिमा सिंह एवं राजकुमार बेदिया को श्रेष्ठ प्रशिक्षु का पुरस्कार प्रदान किया. मुख्यमंत्री व डीजीपी की अच्छी तस्वीर बनाने के लिए उमेश कुमार महतो व सुखराम को सम्मानित किया गया. इससे पूर्व सीएम ने परेड का निरीक्षण किया.
महिलाओं-बच्चों के प्रति संवेदनशील बने पुलिस : डीजीपी
राज्य के पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पुलिस की अनवरत सेवा को देखते हुए उन्हें हर वर्ष 13 माह का वेतन दे रहे हैं और 2004 के बाद से नियुक्त पुलिस जवानों को पेंशन की सुविधा भी दी जा रही है. धनबाद के भौरा ओपी प्रभारी हिमांशु कुमार जब कर्तव्य निर्वाह के दौरान घायल हो गए तो मुख्यमंत्री ने उन्हें विशेष एयर एंबुलेंस से दिल्ली भिजवाया और उनकी जान बचाई. उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के लिए शस्त्रों के साथ शास्त्रों का भी ज्ञान जरूरी है. प्रशिक्षण में उन्हें कानून, मानव अधिकार, यातायात प्रबंधन और मूलभूत मूल्यों का ज्ञान भी दिया गया है. पुलिस महिलाओं व बच्चों के प्रति नरम व संवेदनशील बने. धन्यवाद ज्ञापन जैप-3 के समादेष्टा प्रियदर्शी आलोक ने दिया.कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो, सिंदरी के पूर्व विधायक फूलचंद मंडल, धनबाद के डीसी संदीप सिंह, एसएसपी संजीव कुमार, जैप डीआईजी सुनील भास्कर, गिरिडीह एसपी अमित रेणु, ग्रामीण एसपी रेशमा रमेशन, एसी नंदकिशोर गुप्ता, एसडीओ प्रेम कुमार तिवारी आदि मौजूद थे. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/advocates-did-not-work-in-dhanbad-court-even-for-the-third-day-there-was-no-debate-on-48-bail-applications/">धनबादकोर्ट में तीसरे दिन भी अधिवक्ताओं ने नहीं किया काम, बेल के 48 आवेदनों पर नहीं हुई बहस [wpse_comments_template]

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