Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) 19 वर्ष बाद इस बार गणतंत्र दिवस व सरस्वती पूजा एक ही दिन पड़ रही है. इस दिन राष्ट्रध्वज को सलामी दी जाएगी. इसके बाद ज्ञान, बुद्धि और विद्या की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती की आराधना होगी. इससे पहले वर्ष 2004 में ऐसा मौका आया था, जब एक ही दिन गणतंत्र दिवस और बसंत पंचमी मनाई गई थी. ऐसा मौका लगभग हर 19 वर्ष बाद आता है.
सबसे छोटी मूर्ति की कीमत 500-1000 रुपये
इस बीच मां सरस्वती के पूजन की तैयारी शुरू हो गयी है. मूर्तिकारों ने प्रतिमा को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. धनबाद शहर में एसएसएलएनटी रोड, पुलिस लाइन, तेलीपाड़ा के शांति विहार आदि स्थानों पर प्रतिमा के निर्माण में कलाकार पूरा करने में जुटे हुए हैं. सरस्वती पूजा 26 जनवरी को है. महंगाई ने मूर्तिकारों की परेशानी बढ़ा दी है. प्रतिमा खरीदने के लिये भक्तों को इस बार अधिक पैसे खर्च करने होंगे. सबसे छोटी मूर्ति (डेढ़ से दो फीट तक) की कीमत 500-1000 रुपये के बीच है. वहीं 5 से 8 हजार रुपये के बीच में बड़ी मूर्ति मिलेगी. श्रृंगार सामग्री की कीमत अलग से है. यानी मूर्ति के आकार के अनुसार जितना श्रृंगार किया जायेगा, कीमत उतनी अधिक होगी. तीन देवियों में प्रधान हैं मां सरस्वती
पंडित राकेश पांडे ने कहा कि माघ शुक्ल पंचमी को तीन महा देवियों में प्रधान मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था. उनके एक हाथ में पुस्तक, दूसरे हाथ में वीणा है. मां सरस्वती को वीणा वादिनी भी कहते हैं. ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती की आराधना संगीत के लिए भी की जाती है. पूजा करने का शुभ मुहूर्त 26 जनवरी की सुबह 6:30 से 8:30 बजे और 11:35 से 4 बजे तक माना गया है. [wpse_comments_template]
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