सिर्फ छोटे दुकानदारों के खिलाफ अभियान
निगम की टीम शहर के सिटी सेंटर से सीएमआरआई के बीच सड़कों के किनारे ठेला, खोमचा लगाने वालों व दुकान के आगे सड़क पर सामान सजाने वालों के खिलाफ अभियान चला रही है. बरटांड़ के आसपास 10 दुकानों पर जुर्माना भी ठोंका. लेकिन जैसे ही लोगों ने सरदार पटेल नगर (हाउसिंग कालोनी) की ओर जाने वाली सड़क के मुहाने की ओर एक दर्जन से अधिक रेस्टुरेंट व अन्य दुकानीं के अवैध कब्जे की ओर ध्यान खींचा तो टीम के अधिकारी धीरे से खिसक लिए.रसूखदारों के खिलाफ नहीं होती कार्रवाई
दरअसल नगर निगम के अधिकारी, शहर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चेहरा और रसूख देख कर चला रहे हैं. पिछले दिनों सिटी सेंटर से सीएमआरआई गेट तक अभियान चलाया गया था. निगम की टीम ने कुछ छोटे दुकान का शेड तोड़वा दिया और एक दर्जन दुकानदारों से जुर्माना भी लिया. लेकिन इसी एरिया में मधुलिका, कावेरी जैसे चर्चित मिष्ठान्न भंडारों व अन्य बड़ी दुकानों को छोड़ दिया गया. क्योंकि ये सभी रसूख वाले थे. इस कार्रवाई को लेकर शनिवार को चर्चा का बाजार गर्म रहा. कुछ लोग चर्चा करते मिले कि सड़क पर अतिक्रमण सिर्फ छोटे दुकानदार और ठेले खोमचे वाले ही नहीं करते हैं. इसमें बड़े दुकानदार भी शामिल हैं.कई बड़ी दुकानों की हो रही अनदेखी
[caption id="attachment_616327" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="169" /> मधुलिका स्वीट्स के आगे अतिक्रमण[/caption] मधुलिका स्वीट्स को देख लीजिए, दुकान से ढाई फीट आगे बढ़कर चारों तरफ ग्रिल लगा रखा है. कावेरी स्वीट्स वाले ने तो दुकान के आगे 10 फीट एरिया कब्जा कर रखा है. ऐसी ही कई अन्य बड़ी दुकानें हैं, जहां सड़क या अन्य खाली जगह को कब्जा किया गया है. लेकिन इनके खिलाफ कुछ नहीं होता है, लगता है बदले में बड़े दुकानदार कुछ अन्य सुविधा मुहैया कराते हैं. तभी अधिकारी इनकी अनदेखी करते हैं.

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