Dhanbad/Ranchi : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) रांची ने धनबाद रिंग रोड निर्माण के लिए भू-अर्जन प्रक्रिया में करोड़ों रुपये के मुआवजा घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई की है. टीम पूर्व जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सहित कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों में राजस्व विभाग के अधिकारी, बिचौलिये व अधिवक्ता शामिल हैं.
यह है मामला
यह घोटाला धनबाद में राज्य सरकार द्वारा रिंग रोड निर्माण के लिए रैयतों की जमीन अधिग्रहण व उन्हें मुआवजे के भुगतान से संबंधित है. आरोप है कि साजिश के तहत स्थानीय बिचौलियों की सहायता से फर्जी दलीलें प्रस्तुत कर अनियमितताओं को अंजाम दिया गया. इसका मुख्य उद्देश्य मूल रैयतों के मुआवजे की राशि व सरकारी कोष का गबन था. इस संबंध में एसीबी ने धनबाद प्रमंडल अंतर्गत निगरानी थाना कांड संख्या-32/16 (21 अप्रैल 2016) के तहत तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, धनबाद के दो अधिकारियों- लालमोहन नायक, उदयकांत पाठक व अन्य अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया था. यह मामला धनबाद ACB प्रमंडल में दर्ज दो अन्य संबंधित कांडों 30/16 और 31/16 के साथ जुड़ा हुआ है. गिरफ्तार किए गए कुछ अभियुक्त इन अन्य दोनों कांडों में भी नामजद या अप्राथमिकी अभियुक्त हैं.
इनकी हुई गिरफ्तारी
उदय कांत पाठक (तत्कालीन भू-अर्जन पदाधिकारी धनबाद), मिथलेश कुमार (तत्कालीन कानूनगो भू-अर्जन कार्यालय धनबाद), सुमेश्वर शर्मा, अनुपमा कुमारी उर्फ अनुपम कुमारी (सहायक लिपिक), शंकर प्रसाद दुबे, आलोक बरियार उर्फ जैकी लाला, सुशील प्रसाद (अधिवक्ता), विशाल कुमार (तत्कालीन सीओ धनबाद), रविन्द्र कुमार, कुमारी रत्नाकर उर्फ रत्नाकर कुमारी उर्फ रत्नाकर देवी, दिलीप गोप, बप्पी राय चौधरी उर्फ गोपीराय चौधरी, रामकृपाल गोस्वामी (तत्कालीन चैयरमैन, लखियाबाद तेतुलिया पैक्स), अशोक कुमार महथा, उमेश महतो, अनिल कुमार उर्फ अनिल कुमार सिन्हा, काली प्रसाद सिंह शामिल हैं.
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