Dhanbad : धनबाद के कोर्ट मोड़ स्थित सदर अस्पताल इन दिनों डॉक्टर और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है. 100 बेड के सदर अस्पताल में 27 डॉक्टरों समेत कई कर्मचारियों की सख्त जरूरत है. डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों का ठीक से इलाज नहीं हो रहा है. सूत्रों का कहना है कि सदर अस्पताल में 47 डॉक्टरों की जरूरत है, जबकि फिलहाल मात्र 20 डॉक्टर सेवा में हैं. अस्पताल में अन्य स्टाफ भी बहुत कम हैं. 24 की जगह मात्र 2 जीएनएम तथा 18 एएनएम कार्यरत हैं. अस्पताल को जीएनएम की अधिक जरूरत है. 26 पारा मेडिकल स्टाफ की जगह मात्र 10 स्टाफ हैं. अन्य विभागों में 21 स्टाफ की जरूरत है, जबकि मात्र 2 लोग ही सेवा दे रहे हैं.
विगत चार वर्ष में बढ़ी मरीजों की संख्या
सदर अस्पताल की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई. उस समय यहां मरीजों की संख्या काफी कम थी. परंतु अब मरीजों की संख्या बढ़ रही है तो डॉक्टर और नर्स कम पड़ने लगे हैं. समय तथा डॉक्टरों की कमी के कारण कई मरीजों को वापस लौटना पड़ा रहा है. डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की कमी का रोना अस्पताल प्रबंधन भी रोते रहता है. सदर अस्पताल में विभाग कई, सेवा नदारद
फिलहाल सदर अस्पताल में मरीजो को बेहतर सेवा देने के लिए कई विभाग खुल गए हैं. जनरल ओपीडी, गायनी, आई, डेंटल, ईएनटी, पीडियाट्रिक, सर्जरी, पैथोलॉजी, इंडोर सहित कई सेवा उपलब्ध हैं. हालांकि हर विभाग के लिए अपेक्षित डॉक्टर नहीं हैं. फलस्वरूप कई सेवाएं बाधित हैं. मरीज कर रहे एसएनएमएमसीएच का रुख
अपने बेटे की आंख का इलाज कराने आये अशोक शर्मा कहते हैं कि अस्पताल में आंख का डॉक्टर नहीं है. अब वह एसएनएमएमसीएच जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि यहां सिर्फ एक ऑप्थेलेमिक असिस्टेंट है. उन्होंने कहा कि आंख के डॉक्टर से इलाज कराने के लिए उन्हें गुरुवार को आना होगा. डॉक्टर और कर्मचारियों की जरूरत व उपलब्धता
कर्मचारी जरूरत उपलब्ध डॉक्टर 47 20 जीएनएम 24 2 एएनएम 24 18 पारा मेडिकल 26 10 अन्य विभाग के लिए 21 2 2020 से 21 व 2022 से 23 तक मरीजों की संख्या
सर्विस वर्ष 2020-21 2022 -23 ओपीडी 14496 36422 आईपीडी 659 1387 एलएससीएस 01 275 मेजर सर्जरी 0 215 माइनर सर्जरी 235 266 पैथोलॉजी 0 8579 क्या कहते हैं जिम्मेवार
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक संजीव प्रसाद ने भी अस्पताल में स्वीकार करते हैं कि डॉक्टरों और कर्मचारियों की कमी है. उन्होंने कहा कि इन कमियों को झेलते हुए मरीज को बेहतर इलाज देने का प्रयास कर रहे हैं. उच्च अधिकारियों से डॉक्टर और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग की गई है. [wpse_comments_template]
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