जिले मैथन स्थित डीवीसी का 75वां स्थापना दिवस 7 जुलाई को धूमधाम से मनाया गया. मैथन हाइडल के समीप शहीद मीनार पर माल्यार्पण कर डैम निर्माण के दौरान जान गंवाने वाले शहीद कर्मियों को नमन किया गया. परियोजना प्रमुख अंजनी कुमार दुबे शहीद मीनार पर माल्यार्पण कर समारोह की शुरुआत की. इससे पहले चेयरमैन कैंप से हाइडल स्टेशन तक मैराथन दौड़ का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में डीवीसी के कर्मियों ने भाग लिया. मैराथन दौड़ में प्रथम स्थान पर आने वाले रामकिशोर चौधरी को परियोजना प्रमुख ने मेडल देकर पुरस्कृत किया.
रामानुज भवन परिसर में फहराया डीवीसी का झंडा
इस विशेष अवसर पर परियोजना प्रमुख अंजनी कुमार दुबे ने रामानुज भवन में डीवीसी का झंडोतोलन किया. दोपहर में उप महाप्रबंधक अभय कुमार श्रीवास्तव ने कंपनी के बीपी नियोगी अस्पताल में मरीजों के बीच फल बांटा, जबकि स्वर्ण जयंती पार्क में पौधरोपण भी किया. शाम में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में आसपास के स्कूलों के बच्चों ने नृत्य-संगीत की प्रस्तुति दी. मौके पर डीवीसी के बीवी दास, अभय कुमार श्रीवास्तव, एनके वर्मा, सुनील कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे.पंडित नेहरू के योगदान को भी भूल गए अधिकारी
मैथन डैम व डीवीसी के निर्माण में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का अहम योगदान था. डैम बनने के बाद वे मैथन आए थे और डैम के समीप आयोजित कार्यक्रम में डीवीसी के निर्माण की घोषणा की थी. उक्त स्थल को डीवीसी ने यादगार के रूप में पार्क व स्टेज के रूप में विकिसत किया. साथ ही वहां बोर्ड पर पंडित नेहरू की कही बातों को लिखवाया. लेकिन इस बार स्थापना दिवस पर प्रबंधन ने स्टेज की रंगाई-पोताई तो दूर साफ-सफाई तक नहीं कराई.पंचेत में भी हुए कार्यक्रम, शहीदों के परिजन सम्मानित
[caption id="attachment_351467" align="alignnone" width="300"]alt="" width="300" height="200" /> पंचेत में डैम निर्माण में योगदान देने वाले की परिजन को सम्मानित करते परियोजना पदाधिकारी[/caption] डीवीसी के स्थापना पर पंचेत में भी कई कार्यक्रम हुए. अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने जीरो पॉइंट व रिक्रिएशन क्लब स्थित शहीद वेदी पर माल्यार्पण किया. वही, नेहरू पार्क में पंडित नेहरू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया. पंचेत परियोजना के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाली बुधनी मझिआईन को परियोजना प्रमुख ने ने शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया. मौके पर डैम निर्माण में योगदान देने वाले रावण मांझी के पुत्र अशोक मांझी व सोहन सिंह की पत्नी कुलविंदर सिंह को भी सम्मानित किया गया.
मिश्रित भवन अब आंबेडकर के नाम से जाना जायेगा
1959 से डीवीसी पंचेत के मिश्रित भवन अब आंबेडकर भवन के नाम से जाना जाएगा. प्रबंधन ने इसकी स्वीकृति दे दी है. परियोजना प्रमुख पीपी शाह ने इसका आवरण किया. वहीं, पंचेत हिल अस्पताल में मरीजों के बीच फल का वितरण भी किया. मौके पर सिविल इंजीनियर रौशन लकडा, डॉ. उमेश कुमार, अरुण दत्ता, आरके गुंडे, पंकज लोचन, अमर एंथोनी खलको आदि मौजूद थे. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-youth-commits-suicide-by-hanging-in-khairkabad-gondudih/">धनबाद: गोंदूडीह के खैरकाबाद में युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या [wpse_comments_template]

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