Search

धनबाद: संगत संगत का उद्देश्य गरीबों व जरूरतमंदों का कल्याण : आरके सिन्हा

कायस्थ समाज के लिए माइक्रो फाइनेंस की सुविधा धनबाद में भी हो: सुबोध कांत

Govindpur : कायस्थ समाज के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संगत संगत संस्थापक पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल चित्रांश नहीं, बल्कि सर्व समाज के गरीबों और जरूरतमंदों का कल्याण करना है. वह बुधवार 19 जुलाई को गोविंदपुर के बागसुमा स्थित टोयोटा शोरूम में संगत पंगत की विशेष बैठक को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि यह नाम गुरु गोविंद सिंह का दिया हुआ है. संगत करते रहो और पंगत पाते रहो, यह नारा उन्हीं का दिया हुआ था. श्री सिन्हा ने कहा कि यह संगठन जात पात से ऊपर दलगत राजनीति से हटकर काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि कमाइए पर गरीबों को दान भी कीजिए. श्री सिन्हा ने कहा कि कोयलांचल में संगत पंगत को ट्रस्ट बनाकर समाज हित में काम करने में सभी के सहयोग से अमितेश सहाय एक स्तंभ के रूप में उभरे हैं. उनकी अगुवाई में यह संगठन और ऊंचाइयां छुएगा. पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने कहा कि झारखंड में समाज पिछड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि कायस्थ समाज के लिए माइक्रो फाइनेंस की सुविधा धनबाद में भी हो. विगत 2 जुलाई को समाज का प्रतिभा सम्मान समारोह ऐतिहासिक एवं अनुकरणीय था. उसमें बालक से ज्यादा बालिकाओं की भागीदारी रही. उन्होंने कहा कि पूरे झारखंड में संगठन का विस्तार हो रहा है. धनबाद विधायक राज सिन्हा ने कहा कि संगत पंकज ट्रस्ट का कार्य सराहनीय है. वह ट्रस्ट को हर संभव सहयोग करेंगे. कार्यक्रम का संचालन करते हुए अमितेश सहाय ने कोयलांचल  मैं संगठन की गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया. कहा कि संगत पंगत का ट्रस्ट के रूप में रजिस्ट्रेशन हो चुका है. इसको के पूर्व सीएमडी जीएस गरचा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में संगत पंगत की शाखाएं बेहतर कर रही हैं. इस मौके पर रांची के सुनील सहाय, यश आदित्य, संयोजक संजय बक्शी, राकेश सिन्हा, विजय सिन्हा, एसएन लाल त्यागी, रजनीश लाल, पंकज, अमित सिन्हा, जितेंद्र सिन्हा, अंजनी कुमार श्रीवास्तव, डॉ सरोज सिन्हा, राकेश सिन्हा, प्रमोद सिंहा समेत दर्जनों लोग मौजूद थे. इस अवसर पर आर के सिन्हा को लोगों ने ज्ञापन सौंपा. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//