Dhanbad : शहर के पुलिस लाइन स्थित पुलिस केंद्र में आदिवासी समाज के प्रमुख प्रकृति पर्व सरहुल को पूरे हर्षोल्लास, श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया. इस आयोजन में पुलिस महकमे के वरीय अधिकारी से लेकर जवानों तक सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया जिससे पूरा परिसर उत्सव के रंग में रंगा नजर आया. कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना से हुई.
इस दौरान जिले के एसएसपी सहित अन्य वरीय अधिकारियों ने भाग लेकर प्रकृति देवता से जिले में शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की. सरहुल प्रकृति और नई फसल के स्वागत का पर्व है.
पूजा के उपरांत माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया. ढोल-नगाड़ों की गूंज, मांदर की थाप और पारंपरिक गीतों की मधुर लय पर पुलिस अधिकारी और जवान झूमते नजर आए. रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक पेश की जिससे कार्यक्रम और भी आकर्षक बन गया.
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन न केवल परंपराओं को जीवित रखते हैं बल्कि पुलिस बल के बीच आपसी भाईचारा, सौहार्द और एकता को भी मजबूत करते हैं. उन्होंने कहा सरहुल जैसे पर्व हमें प्रकृति के प्रति सम्मान, संतुलन और सामूहिक जीवन के महत्व की सीख देते हैं.
कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को सरहुल की शुभकामनाएं दीं और मिलकर इस पारंपरिक पर्व की खुशियां साझा कीं. यह आयोजन न सिर्फ सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बना बल्कि पुलिस परिवार के भीतर सामंजस्य और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश भी छोड़ गया.
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