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धनबाद: सावित्रीबाई फुले ने बालिकाओं की शिक्षा का अलख जगाया : रविंद्र वर्मा

 
Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) धनबाद के पुराना बाजार प्रतापदल के सभागार में झारखंड कुशवाहा महासभा धनबाद के अध्यक्ष लालबाबू कुशवाहा की अध्यक्षता में 3 जनवरी मंगलवार को देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की 192 वीं जयंती मनाई गई. सभा में सावित्री बाई फुले के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया. कुशवाहा महासंघ के अध्यक्ष ने कहा अभी भी देश में महिलाओं की पढ़ाई में बहुत सारी बाधाएं हैं. स्कूल, कॉलेजों की दूरी है. सरकार को, अभिभावकों को और हम सबको मिलकर देश में शत प्रतिशत महिला को शिक्षित करने की जागृति लाने की दिशा में काम करने की आवश्यकता है. श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव रविंद्र वर्मा ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने 9 महिलाओं को लेकर 1948 में पुणे में पहला स्कूल चालू किया तो समाज से बहिष्कार और घृणा का सामना करना पड़ा. उन्होंने इस विरोध के बावजूद एक के बाद एक कई स्कूल खोले और बालिकाओं की शिक्षा का अलख जगाया. देश की लड़कियों और महिलाओं के लिए वे प्रेरणा स्रोत हैं. उन्होंने समाज के सभी वर्ग और अस्वीकृत तबके के लड़कियों एवं महिलाओं के लिए शिक्षा की व्यवस्था की. देश में लड़कियों और महिलाओं की शिक्षा में सावित्रीबाई फुले की विशेष भूमिका रही है. श्रद्धांजलि सभा में प्रोफेसर एस. एन.तांती, घारी सिंह बौद्ध, राजीव रंजन बौद्धसारथी, प्रेम बच्चन दास, शम्भु बौद्ध, तारीक अंसारी, शंकर मंडल, राजेन्द्र कुमार बौद्ध, डा बालेश्वर कुशवाहा, जितेंद्र कुशवाहा, रंजीत सिंह, इन्द्रभूषण कुशवाहा, अनिल यादव, प्रभुनाथ प्रसाद, मुन्ना कुशवाहा, अशोक बौद्ध, गोबिन्द मंडल, राजीव साव, राज कुमार सोनकर,संजय कुशवाहा, बबन कुमार, संतोष कुशवाहा, मुकेश कुमार, अशोक बौद्ध,सुभाष दास, दिनेश प्रसाद, मुकेश वर्मा, ललन प्रसाद सिंह, अमर प्रसाद समेत समाज के गणमान्य लोग मौजूद थे. [wpse_comments_template]
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