के-12 आउटरीच कार्यक्रम के तहत दो स्कूलों के बच्चों ने देखा आईआईटी का लैब
Dhanbad : स्कूली बच्चों में साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग व मैथमेटिक्स (स्टेम) के प्रति जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से आईआईटी-आईएसएम में के-12 आउटरीच प्रोग्राम की शुरुआत 23 जून शुक्रवार को संस्थान के निदेशक प्रो राजीव शेखर ने की. उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया. कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में इंजीनियरिंग संस्थाओं के प्रति मिथ को समाप्त करेगा. इनक्यूबेशन, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप (आईआईई) के डीन प्रो पंकज मिश्रा ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया. पहले दिन दो स्कूलों के विद्यार्थियों ने देखा आईआईटी
कार्यक्रम के पहले दिन श्रद्धानंद बाल मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल रांची के 14 विद्यार्थी और एक शिक्षक, जबकि डीएवी रांगामाटी स्कूल, सिंदरी के 30 बच्चों व 2 शिक्षकों ने भाग लिया. विद्यार्थियों और शिक्षकों को आईआईटी-आईएसएम के ऑब्जर्वेटरी, लोंग वॉल गैलरी, एआईसीसी, एनवीसीटीआई, टेक्समिन और लेबोरेटरी घुमाया गया. संस्थान की डीन मीडिया एंड ब्रांडिंग डॉ रजनी सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ को बढ़ावा देना है. स्कूली बच्चों को इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने में यह कार्यक्रम मार्गदर्शन का काम करेगा. यह कार्यक्रम आईआईटी की कार्यशैली से भी उन्हें रू ब रू कराएगा. 170 स्कूलों को किया गया आमंत्रित
अब तक राज्य के 170 स्कूलों को स्टेम में भाग लेने की लिए आमंत्रित किया गया है. 24 जून को धनबाद पब्लिक स्कूल के 85 बच्चों व 6 शिक्षकों का दल आईआईटी का भ्रमण करेगा. इसके बाद यह कार्यक्रम प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित होगा. इस अवसर पर एनवीसीटीआई के कोऑर्डिनेटर डॉ राजन दास गुप्ता ने भी विद्यार्थियों को साइंस एंड टेक्नोलॉजी के विषय में कई जानकारियां दी. [wpse_comments_template]
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