ने इसी सत्र से नई शिक्षा नीति लागू की है. इसके तहत जहां विद्यार्थियों को विषय चुनने की स्वतंत्रता दी गई है, वहीं साइंस के विद्यार्थी को किसी भी विषय में स्नातक में नामांकन लेने की छूट दी गई है. साइंस से इंटरमीडिएट करने वाले विद्यार्थी अपनी पसंद के अनुसार साइंस, आर्ट्स या कॉमर्स किसी भी विषय से स्नातक कर सकेंगे. यहां तक कि उन्हें स्नातक में किसी भी संकाय के किसी भी विषय को अपना मेजर (ऑनर्स) पेपर रखने की भी छूट दी गई है. वहीं कॉमर्स और आर्ट्स विषय से इंटर करने वाले छात्रों के पास यह छूट नहीं होगी. ऐसे छात्र सिर्फ कॉमर्स और आर्ट्स के विषयों को अपना मेजर पेपर रख सकते हैं.
33% अंक से इंटर पास करने वाले कर सकेंगे ऑनर्स की पढ़ाई
नयी शिक्षा नीति में छात्रों को बड़ी राहत देते हुए स्नातक में ऑनर्स लेने के लिए पहले तय 45% अंग की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है. ऐसे में अब मात्र 33% अंक से इंटरमीडिएट पास करने वाले विद्यार्थी भी स्नातक में ऑनर्स की पढ़ाई कर सकेंगे. बीबीएमकेयू में हिन्दी और अंग्रेजी के अलावा पांच लैंग्वेज पेपर की पढ़ाई होगी. इन पांच पेपर में संस्कृत, बंग्ला, ऊर्दू, खोरठा और कुरमाली शामिल है.पहले 3 सेमेस्टर में देना होगा फिटनेस टेस्ट, करना होगा योग
नयी शिक्षा नीति के तहत पहले तीन सेमेस्टर में अंडर स्टैंडिंग इंडिया, हेल्थ एंड वेलनेस, योगा, स्पोर्ट्स एंड फिटनेस सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होंगे. विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ फिटनेस टेस्ट और योगा में भी अपनी प्रतिभा साबित करनी होगी. पहले तीन सेमेस्टर पेपर में छात्रों को तीन इंट्रोडक्टरी पेपर अनिवार्य रूप से पढ़ना होगा. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-arup-chatterjee-accused-of-extortion-and-forgery-appears-in-bengal-court/">धनबाद: रंगदारी व जालसाजी के आरोपी अरूप चटर्जी की बंगाल कोर्ट में पेशी [wpse_comments_template]

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