विज्ञान नई तकनीक का द्योतक और वाणिज्य हमारी अर्थव्यवस्था की पहचान : प्राचार्य
Katras : सरस्वती विद्या मंदिर सिनीडीह में विज्ञान सप्ताह व वाणिज्य प्रदर्शनी सह मेला का आयोजन किया गया. मंगलवार 25 जुलाई को प्राचार्य सुनील कुमार सिंह, विज्ञान शिक्षक अरविंद कुमार, वाणिज्य शिक्षक अशोक कुमार सिंह और कमलेंदु नारायण चंद्र ने द्वीप प्रज्वल्लित कर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. स्कूल की छात्र-छात्राओं ने विषय पर आधारित अपने मॉडल से शिक्षक, अभिभावक व अतिथियों को अपनी बौद्धिक कौशलता का परिचय दिया. कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्राचार्य सुनील कुमार सिंह ने कहा कि विज्ञान जहां नई तकनीक व नवाचार के गुण विकसित करती है, वहीं वाणिज्य भारतीय अर्थव्यवस्था को जानने और समझने में छात्र-छात्राओं की रूचि बढ़ाती है. राष्ट्र निर्माण में दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है. विद्या भारती का उद्देश्य छात्र-छात्राओं का सर्वांगीण विकास करना व उन्हें क्रियाशील बनाना है. मौके पर विज्ञान प्रमुख अरविंद कुमार ने कहा कि भारतवर्ष में प्रतिदिन कुछ न कुछ आविष्कार हो रहे हैं जिनकी जानकारी छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन दी जाती है. वाणिज्य शिक्षक कमलेंदु नारायण चंद्र ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में आर्थिक ज्ञान, व्यवसायिक ज्ञान, प्रोफेशनल नॉलेज, स्वव्यवसाय में प्रोत्साहन, कौशल विकास को समझने में सहायता मिलती है. अर्थशास्त्र शिक्षक अशोक कुमार सिंह ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनी बच्चों को देश की अर्थव्यवस्था को जानने, समझने और उससे जुड़ना सिखाता है. 12वीं विज्ञान की छात्रा प्रीति कुमारी ने कहा कि इसरो की स्थापना 15 अगस्त 1969 को हुई थी. इसमें भारत के अनेक वैज्ञानिकों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया. 12वीं विज्ञान की छात्रा अंजली शर्मा ने कहा कि भारत ने चंदयान-3 को अंतरिक्ष में भेजा है, जो भारत की वैज्ञानिक सोच और विशेषता को प्रकट करता है. कार्यक्रम को सफल बनाने में विज्ञान के आचार्य डॉ.तापस कुमार घोष, राजेश कुमार, विनीता कुमारी, सुमन शर्मा, सुतापा विश्वास, सतीश कुमार, मदन मोहन राय की महत्वपूर्ण भूमिका रही. यह">https://lagatar.in/dhanbad-sais-palanquin-journey-came-out-with-pride-echoes-of-sai-ram/">यहभी पढ़ें : धनबाद : शान से निकली सांई की पालकी यात्रा, गूंजे सांई राम के जयकारे [wpse_comments_template]
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